शरीर की 300 बिमरियों की जड़ | health tips

शरीर की 300 बिमरियों की जड़ | health tips

 

health-tips

 

 

शरीर की 300 बिमरियों की जड़ | health tips- दोस्तों यदि जीवन भर निरोगी बना रहना चाहते हो तो अपने शरीर की इस प्रकृति को जान लो | ऐसा  मैं इसलिए कह रहा हूँ , क्योकि हर इंसान की शारीरिक प्रकृति एक जैसी नहीं होती यह प्रकृति तीन भागो मे बाटी गई है जिसे शरीर के तीन दोष के नाम से भी जाना जाता है | इनका नाम है – वात्त , पित्त, कफ़   जी हाँ दोस्तो अक्सर आपने ये नाम  अपनी लाइफ मे बहुत बार सुने भी  होंगे ,  आज हम आपको इनके बारे कुछ चौका देने वाले तथ्य बताएँगे तो चलिये आज इनके बारे मे  वो जरूरी बाते जान  लेते है  जिसे जानने के बाद आप जीवन भर अपने शरीर को निरोगी रख  सकते है | 

 

पहले तो यह जान लो की आखिर इसे तीन दोष यानि इन्हे शरीर का  दोष क्यो कहा जाता है ? 

 

दोस्तो भारत मे हजारो साल पहले ही हमारे महान ज्ञानी ऋषियों मुनियों ने शरीर के इन तीन दोषो का पता लगाया था  जो की आयुर्वेद के बहुत बड़े ज्ञाता थे जिन्होने आयुर्वेद और स्वास्थ्य के ऊपर किताबे लिखी जैसे महरीशि चरक ने चरक सहिंता नाम की किताब लिखी और और अस्टाङ  हिरद्यम जैसी महान किताब भी लिखी |

 

health-tips

 

 

इन्होने शरीर मे पैदा होने वाली लगभग छोटी बड़ी 300 बीमारियों  का कारण इन वात्त , पित्त, कफ़ को बताते हुए कहा की  जब शरीर मे इन तीनों का संतुलन बिगड़ जाता है तो लगभग  छोटी बड़ी 300 बीमारियों मे से किसी भी बीमारी से शरीर ग्रस्त हो जाता है |इसलिए शरीर का तीन दोस कहा गया है इनके संतुलन के  बिगड़ने का मूल कारण हमारे   खान पान और दिनचर्या पर निर्भर करता है |

 

 

health-tips

 

तो दोस्तो अब आप ऋषियों की कही गई इन बात से समझ जाइए की  इनका  संतुलन बनाए रखना कितना जरूरी है | 

 

आखिर क्या है  यह वात्त , पित्त, कफ़ ?

शरीर मे कहाँ पर  होता है वात्त , पित्त, कफ़?

इनका संतुलन बिगड़ जाने पर  कितनी प्रकार की बीमारियाँ शरीर को प्रभावित करती है ?

ऋषियों और आयुर्वेदों के अनुसार खान पान और दिनचर्या के किन नियमो का पालन करके हम इनका  संतुलन बनाए रख सकते है ?

 

आयुर्वेद के अनुसार आज हम  इन्ही सवालों के जवाब  आपको देने जा रहे है |तो चलिये दोस्तो इनके बारे मे अब विस्तार से जानने की कोसिस करते है | 

 

शरीर की 300 बिमरियों की जड़ | health tips

 

आखिर क्या है  यह  वात्त , पित्त, कफ़ ?

दोस्तो यह कोई बीमारी नहीं है जिसे आप खत्म कर दोगे ,यह शरीर की एक प्रकृति है जिसे सिर्फ संतुलित किया जा सकता है  यह ठीक उसी प्रकार से है जैसे हमारे  शरीर मे रक्त, क्योकि शरीर मे यदि रक्त की  मात्रा बढ़ जाए तो खतरा और घट जाए फिर भी खतरा इसलिए संतुलन बहुत जरूरी है | शरीर तब तक निरोगी रहता है जा तक  वात्त , पित्त, कफ़ ? का संतुलन बना रहता है |

 

शरीर की 300 बिमरियों की जड़ | health tips

इनका संतुलन बिगड़ जाने पर  कितनी प्रकार की बीमारियाँ शरीर को प्रभावित करती है ?

शरीर मे यदि कफ असंतुलित हो जाए तो छोटे बड़े 28 रोग पैदा होते है | यदि पित्त असंतुलित हो जाए तो छोटे बड़े  40 से 50  रोग पैदा हो जाते है | वही यदि वात्त असंतुलित हो जाए तो छोटे बड़े  लगभग 80 रोगो से शरीर ग्रसित है |

 

क्यो हो जाता है इनका असंतुलन ?

इनका असंतुलन होना हमारे खान पान और दिनचर्या पर निर्भर करता है कैसा खाना हम खाते है कैसा पानी पीते है  सिर्फ यही नहीं बल्कि हमारे खाना खाने का तरीका कैसा और पानी हम कब और कैसे पी रहे है|

 

दोस्तो यह तो आप सभी जानते हो की हमारा शरीर पाँच महाभूतों यानि जल ,अग्नि, वायु , मिट्टी , आकाश  | 

 

यह असल मे तीन धातुए होती है जो हमारे शरीर का संचालन करती है तथा शरीर को निरोगी  रखती है  और जब इन धातुओं का संतुलन बिगड़ जाता है तो शरीर कई प्रकार की छोटी बड़ी बीमारियों से ग्रसतीत हो जाता है | यही पाँच महाभूत मिलकर शरीर मे वात्त , पित्त, कफ़ इन तीन धातुओं का निर्माण करती है |  वायु और आकाश मिलकर वात्त बनाते है  ,  अग्नि और  जल मिलकर बनाते है |वहीं पृथ्वी और जल  मिलकर कफ का निर्माण करते है |

 

इसी से संबन्धित और्वेद मे  कहा गया है की वायु:  पितम कफ श्वेती त्र्यों दोषा समासता:

अर्थात इन तीनों धातुओ को शरीर मे दोष माना जाता है | 

 

यह दोष सरीर मे किस स्थान पर पाई जाती है ?

आयुर्वेद मे सिर से ले कर छाती तक के हिस्से को कफ़ कहा गया है यानि की सिर से लेकर छाती तक की जो भी बीमारिया या समस्याएँ होती है  उन्हे कफ़ रोग अथवा कफ़ दोष कहा जाता है|

 

health-tips

 

 

 

वहीं छाती से लेकर पेट तक जो समस्याए होती है वह पित्त स्मसयाए होती है | आयुर्वेद मे कहा गया है की मात्र पेट से  जुड़ी समस्याओ से ही शरीर लगभग 50 बीमारियों जैसे कब्ज़ बनना , गैस बनना ,पेट मे जलन , पेट ठीक से साफ न होना ,खाने का ठीक से न  पचना  से होने वाली समस्या की वजह  से  मुह पर दाने पिंपल झाइयाँ , सिर दर्द आदि रोगो से शरीर  ग्रसित हो जाता है |पित्त शब्द संस्कृत के ‘तप’ शब्द से बना है जिसका मतलब है कि शरीर में जो तत्व गर्मी उत्पन्न करता है वही पित्त है। 

दोस्तो जब इंसान बाल अवस्था से युवा अवस्था तक पहुंचता है तब उसके शरीर मे धातुओं का निर्माण होना शुरू हो जाता है | तब  युवा अवस्था से वृद्धा अवस्था   तक  गैस  कब्ज पेट मे जलन जैसी सम्स्स्यए अधिक देखने को मिलती है |

 

कमर से लेकर पैर तक की जो भी स्मसयाए होती है वह वात्त की स्मसयाए होती है यानि वात्त के असंतुलन की वजह से  कमर के नीचे वालो हिस्सो मे केल्शियम की कमी होनी शुरू जाती है जिस वजह से अक्सर   अक्सर   कमर दर्द, जोईंट पेन , घुटनो मे दर्द चलने मे मुश्किल होना जैसे स्मसयाए आने लगती है |

 

 

शरीर की 300 बिमरियों की जड़ | health tips

वात्त , पित्त, कफ़ का शरीर मे मुख्य काम  – 

वात्त  का हमारे शरीर मे मुख्य कम ब्लड की मूमेंट को सही रखना और व्यर्थ पदार्थ यानि मल मूत्र और पसीने को शरीर से बाहर निकालना है  | इसी प्रकार पित्त का मुख्य काम मेटाबोलिसम को बनाए रखना यानि पाचन क्रिया को ठीक रखना होता है इसके इलवा भूख प्यास और बॉडी टेम्परेचर को ठीक करके रखना होता है | 

तीसरा है कफ़ जो की प्र्थ्वि और जल से बनता है  जिसका काम  होता है  शरीर की  सरचना और ग्रोथ करने मे मदद करना |

 

शरीर की 300 बिमरियों की जड़ | health tips

चलिये अब जानते है उन छोटी छटी  लापरवाही के बारे मे जिनकी वजह से अक्सर इनका  संतुलन बिगड़ जाता है | 

 

शरीर मे इनका  असंतुलन अधिकतर गलत  खान पान की वजह से ही होता है अक्सर खान पान को लेकर हम इतनी सारी  लापरवाही करते है जिनके बारे मे आप अब तक अंजान है | जैसे समय पर भोजन न करने से , दिन का भोजन शाम को और देर रात को करने से , अधिक तला भुना और मसालो वाला भोजन खाने से , बोजान के तुरंत बाद गिलास भर पानी पी लेने से  इनका  असंतुलन हो जाना लाज़मी है |

 

खड़े होकर पानी पीने की वजह से वात्त का संतुलन जल्दी बिगड़ता है जिस वजह से अक्सर गुटनों मे दर्द होने  लगता है थकावट और कमजोरी महसूस होने लगती है |

 

 

तो चलिये अब जानते है ऋषियों और आयुर्वेदों के अनुसार खान पान और दिनचर्या के किन नियमो का पालन करके हम इनका  संतुलन बनाए रख सकते है ?

 

 

दस्तो आज से 3000 हजार साल पहले आयुर्वेद के सबसे बड़े ज्ञाता महारिशी वाघ बट्ट जी ने एक श्लोक कहा था – भोजनांते जल विषम्यादी

यानि की भोजन के तुरंत  बाद 20 चिम्मच से अधिक जल पीने से वह जहर के समान माना गया है | चलिये  जनते है की आखिर ऐसा क्यो कहा –  आयुर्वेद मे लिखा है जब हम भोजन करते है तो सबसे पहले उसे अच्छे से चबाते है जिससे भोजन छोटे छोटे टुकड़ो मे बट जाता है और मुह की लार की वजह से चिपचिपा  गीला हो जाता है | उसके बाद भोजन गले के रास्ते से होता हुआ आमाशय मे इकट्ठा होता है | यहीं पर भोजन के पचने की प्रक्रिया शुरू होती है इस प्रक्रिया मे एक खास प्रकार का एंजाइम का रिसाव होता है यह एक प्रकार का तेजाब होता है जो अपनी ऊर्जा से भोजन को पचाता है इस ऊर्जा को संस्कृत को जठर अग्नि कहा जाता है फिर ऐसे मे जब यह प्रक्रिया चल रही होती है तो हम गिलास भर कर पानी ठूस लेते है

 

जिस  वजह से यह अग्नि धीमी और मन्द हो जाती है और भोजन पचने की बजाय अंदर ही अंदर सड़ने लगता है जिससे हजारो बीमारियाँ पैदा होने लगती है  जैसे पेट दर्द सर दर्द गैस छाती मे जलन सिर दर्द उल्टी आना जोड़ो मे दर्द घुटनो मे दर्द मसूड़ो मे खून आना दांत और हड्डियों का जल्दी कमजोर हो जाना खून मे कमी ओर बाल का झड़ना आदि जैसी समस्याएँ पैदा होने लगती है 

शरीर की 300 बिमरियों की जड़ | health tips

यदि पानी ही पीना चाहते है तो पानी जगह फल का जूस , दहि या छाछ मट्ठा  पी सकते है इससे पेट की जठर अग्नि धीमी नहीं होती |

पानी हमेशा भोजन के 1 घंटे बाद ही पीना चाहिए क्योकि इस दौरान आमाशय मे भोजन के पचने की प्रक्रिया चल रही होती है |

रोज सुबह  उठ कर 2 गिलास हल्का गरम पानी जरूर पिये ऐसा करने से मुह की लार पानी के साथ मिल कर हमारे पेट मे पाहुच जाती है जो पाचन क्रिया के लिए बहुत लाभदायी होता है पेट भी अच्छे से साफ हो जाता है | आयुर्वेद मे सुबह की लार को  बहुत उपयोगी माना गया है |

 

हमे अपनी शरीर की प्रकृति को समझ कर ही भोजन खाना चाहिए क्योकि अक्सर आपने देखा होगा की हर किसी को एक जैसा भोजन सूट नहीं करता जैसे  अपने 3 आलू के पराठे खा लिए कुछ देर बाद कुछ नही होगा लेकिन वही आलू के पराठे कोई ओर खाए तो उसे कब्ज, पेट दर्द ,  गैस जैसी स्मसयाए होने लगती है  | ऐसा इसलिए होता है क्योकि उसकी प्र्कृती अलग है हर कोई एक जैसा भोजन हजम नहीं कर पता |

 

यही कारण है की किसी को तीखा भोजन पसंद होता है तो किसी को मीठा खाना या नमकीन खाना बहुत पसंद होता है टेस्ट भी शारीरिक प्रकृति पर बहुत निर्भर करता है | 

 

क्या खाए ?

भोज्य पदार्थ के मामले मे यदि वात्त पित्त कफ़ के संतुलन और असंतुलन की बात की जाए तो 

 

मीठे, खट्टे, और नमकीन स्वाद वाले जितने भी  पदार्थ हैं वे कफ को बढ़ाते हैं । ऐसी चीजों को अधिक सेवन कफ़ के संतुलन को बिगाड़ सकता है |

 

वही नमकीन और मीठे, खट्टे, पदार्थ पित्त को बढ़ाने वाले हैं । कड़वे चरपरे, कसैले पदार्थ वायु को बढ़ाने वाले होते हैं ।जो रस कफ को बढ़ाते हैं ।

 

ठीक उसी प्रकार मीठे, खट्टे, नमकीन ही वायु को शान्त करते हैं । मीठी, चरपरी, कसैली चीजें पित्त को शान्त करती है । कड़वी चरपरी, कसैली चीजें पित्त को शान्त करती है । उदाहरणार्थ – कफ-प्रकृति के व्यक्ति को मीठे, खट्टे, नमकीन चीजों को कम मात्रा में लेना चाहिए और कड़वी चरपरी और कसैली चीजों को अधिक मात्रा में खाना चाहिए ताकि कफ बढ़ने न पाए ।

 

 

दोस्तो गाय के घी के बाद अजवाइन ही एक ऐसी चीज है जो पित्त नाशक होती है इसलिए मेरी माँ अक्सर खाने मे अजवाइन जरूर डालती है |

पराकृतिक रूप से खाने की जो वस्तु जीतने आधुक गहरे रंग की है वो चीज उतनी ही अच्छी मनी जाती है जैसे नींबू ,संतरा ,सेब ,आवला ,लीची, अंगूर , आम ,अमरूद, पपीता ,नाशपाती, केला |

 

हींग ,अजवाइन, जीरा, गाय का घी यह सब पित्त नाशक है यानि पित्त बारह जाए तो इन का  सेवन जरूर करे यह पित्त का संतुलन बनाए रहने मे मदद करता है |

 

सूखा धनिया और हारा धनिया दोनों ही  पित्त नाशक है |

 

कफ़ का इलाज कैसे करे यदि कफ़ बारह जाए तो – 

गुड़ , शहद , सौठ और अदरख , यह कफ़ को नियंत्रण मे रखती है | इसके इलवा पान पत्ता खाना भी कफ़ 

के संतुलन मे बहुत लाभदायक होता है |

 

वात्त को शांत करने की छीजे – 

सभी तरहो के फलो का रस  का सेवन 

शुद्ध तेल , नारियल पानी , दहि , छाछ आदि 

 

शरीर की 300 बिमरियों की जड़ | health tips

 

 

 

यदि ज़िंदगी भर निरोगी रहना चाहते हो तो – जान लो सेहत से जुड़ी ये खास बाते 

 

यहां click करे- आज से ही खाना बंद कर दो चीनी | sugar| यदि आप भीचीनी से बनी हुई या फिर direct चीनी दल केआर उसे पी  रहे हो या खा रहे हो तो हो जाओ सावधान |इस article मे  चीनी के सेवन से शरीर पर होने वाले हानिकारक प्रभाव के बारे मे आपको बताया गया है ।  इसके इलवा मिठास के लिए आप चीनी की जगह पर आप क्या क्या उपयोग कर सकते है उसके बारे मे भी बताया गया है ……………. 

 

 

यहां click करे-  जानिए किस हद्द तक खतरनाक है मोबाइल और टावर से निकलने वाली खतरनाक रेडिएशन  यह किस प्रकार से शरीर को  नुकसान पहुचाती   है और कैसे इस रेडिएशन से बचा जा सकता है 

 

यहां click करे- tips for weight loss in hindi-motapa kaise ghataye वजन घटाने के ऐसे तरीके जो आपको कही और नहि मिलेंगे ज़रूर शेयर करे अपने  whatsapp ग्रुप  पर अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को 

 

यहां click करे-  किस हद्द तक खतरनाक है जंक फूड आपकी सेहत के लिए | किस फूड के साथ क्या क्या खाना चाहिए और क्या क्या नहीं खाना चाहिएसाथ  जानिए इनके नुकसान|  कब-कितना-कैसे -किस फूड के  साथ क्या खाना –पीना चाहिए और क्या नहीं -जानिए सब कुछ । ज़रूर शेयर करे अपने  whatsapp ग्रुप  पर अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को 

 

यहां click करे- yoga for weight loss in hindiजन लो सही तरीका -कब -और – कैसे करना है ये योगा (yoga)कुछ ऐसे बेहतरीन योगा (yoga) जो खास वज़न घटाने-वज़न दोबारा न बढ़े तथा चर्बी को कम करने के लिए ही बने है | बस शर्त ये है की  इसे सही तरीके से और लगातार करना होगा ।

 

यहां click करे- motapa kam karne ke liye diet | जी हां दोस्तो मोटापा कम करने – मोटापा दोबारा न बढ़े तथा चर्बी घटाने के लिए बहुत मेहनत से एक ऐसा डाइट चार्ट तैयार किया गया  है जिसका उपयोग करने पर मात्र 23 दिनो मे  (within 23 days) आपको उसका ज़बरदस्त result  सामने आजाएगा । बस शर्त यह है की , आपको इस डाइट चार्ट का पालन (comply) अपनी लाइफ मे  पूरी ईमानदारी से करना होगा फिर चमत्कार आपकी आखों के सामने होगा  – ज़रूर शेयर करे अपने  whatsapp ग्रुप  पर अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को  

 

यहां click करे- पेनकिलर खाने वाले सावधान | painkiller is danger for health|  किस हद्द तक खतरनाक है पेनकिलर दवाइयां (medicine) आपकी सेहत के लिए – साथ मे जानिए की कितना और किस तरह से  आपकी किडनी और लीवर पर गलत असर करती है । ज़रूर शेयर करे अपने  whatsapp ग्रुप  पर अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को 

 

यहां click करे- Tips for weight lose of women in hindi- महिलाओ (women )मे  पुरूषो (man) के मुक़ाबले  जादा तेज़ी से चर्बी बनती है जिस वजह से मोटापे की अधिकतर समस्स्या  महिलाओं (women) मे अधिक देखी जाती है  । बहुत सी महिलाए इस तेज़ी से बढ़ते मोटापे की समस्या से परेशान है । जो कम होने का नाम ही नहीं लेता । तो इसी बात को ध्यान मे रखकर बहुत आसान और घरेलू उपचार (treatment) आपके के लिए लेकर आए है …. ज़रूर शेयर करे अपने  whatsapp ग्रुप  पर अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को 

 

यहां click करे- Mobile radiation is denger for health| जानिए किस हद्द तक खतरनाक है मोबाइल और टावर से निकलने वाली खतरनाक रेडिएशन  यह किस प्रकार से शरीर को  नुकसान पहुचाती  है और कैसे इस रेडिएशन से बचा जा सकता है …..

 

यहाँ click करे – बासी  रोटी खाने के ज़बरदस्त फायदे  यह article पूरा पढ़ने के बाद कभी नहीं फेंकोगे बासी रोटी जानिए क्या सही तरीका बासी रोटी खाने का ?

 

यहां click करे-  सेब को कब और कैसे खाने से उसके अनंत फायदे का लाभ उठा सकते है | साथ मे जादा सेब खने के नुकसान भी जानिए  | सेब ,apple खाने के फायदे benefits of apple for skin| 

 

यहां click करे-एलोवेरा भरपूर फाइदा उठाने के लिए इसका  सही उपयोग जान लें | कब? – कितना?  और कैसे करना करना चाहिए  एलोवेरा का उपयोग ? साथ मे जानिए एलोवेरा के नुकसान के बारे मे भी | best use of aloe vera benefits

 

यहां click करे- Heart Treatment-Angioplasty-bypass surgery कैसे होती है -कितना खर्च आता है – होने के बाद क्या क्या सावधानिया बरते ? 

 

यहां click करे- हार्ट ब्लोकेज का इलाज़ | heart attack treatment| घरेलू उपचार | क्या क्या सावधानिया बरते

 

यहां click करे- how to control diabetes | homeopathic treatment| मधुमेह इसके लक्षण क्या है -कैसे होता है मधुमेह साथ मे जाने घरेलू उपचार और सावधानिया 

 

यहां click करे- Heart attack | Causes, symptoms, and treatments| हार्ट अटैक के लक्षण और उसका इलाज़ तथा सावधानिया

 

यहां click करे- डायबिटीज के कारण (Causes of Diabetes ) व उपचार-घरेलू उपचार

 

यहां click करे- 10 Diabetes Symptoms in Hindi| मधुमेह के 10 लक्षण

 

यहां click करे- कितने प्रकार के होते है मधुमेह | types of diabetes

 

यहां click करे- heart attack | हार्ट अटैक के इलाज़ के बाद बर्ते ये सावधानी

 

यहां click करे- heart attack ka ilaj के बाद बर्ते ये सावधानी| क्या खाना चाइए क्या नहीं ? कैसे सोना  है? – उठना – बैठना है – क्या उठाना है ?

 

यहां click करे- heart attack treatment in hospital| अस्पताल मे हार्ट अटैक का इलाज़ कैसे होता है ? और डॉक्टर के द्वारा बताई गई सभी सावधानिया इलाज़ के बाद |

 

यहां click करे- जानिए क्या है  वो  लापरवाही और रोज़ की आदते  जो हार्ट अटैक का सबसे बड़ा  कारण बनती है जानिए क्यो आता है हार्ट अटैक ?  | हार्ट अटैक आने का सबसे बड़ा   कारण क्या है ?  heart attack causes

 

यहां click करे- human heart | मानव हिर्दय की सरंचना और इसकी कार्य विधि | कैसा होता है और क्या क्या कम करता है मानव हृदय – मानव हिर्दय के बारे मे और भी कई रोचक बाते| 24 घंटे मे कितना खून पंप करता है शरीर मे ?

 

 

ज्ञान से भरे धार्मिक कहानियों का रोचक सफर 

यहाँ click करे- दान का फल ज्ञान से भरे धार्मिक कहानियों का रोचक सफर 

यहाँ click करे- कर्मो का फल – भक्ति की शक्ति – ज्ञान से भरे धार्मिक कहानियों का रोचक सफर 

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!