turmeric milk हल्दी वाले दूध के 11 बेहतरीन फायदे

हल्दी वाले दूध के 11 बेहतरीन फायदे | benefits of turmeric milk 

 

turmeric milk – आम तौर पर सर्दी होने या शा‍रीरिक पीड़ा होने पर घरेलू इलाज के रूप में हल्दी वाले दूध (turmeric milk) का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं, कि हल्दी वाले दूध (turmeric milk) के एक नहीं अनेक फायदे हैं? नहीं जानते तो हम बता रहे हैं-

 


हल्दी (turmeric) अपने एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक गुणों के लिए जानी जाती है
, और दूध, कैल्शि‍यम का स्त्रोत होने के साथ ही शरीर और दिमाग के लिए अमृत के समान हैं। लेकिन जब दोनों के गुणों को मिला दिया जाए
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, तो यह मेल आपके लिए और भी बेहतर साबित होता है, जानते हैं कैसे –
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हल्दी वाला दूध पीने का सही तरीका –
  • हल्दी वाला दूध पीने का सबसे सही समय रात का है |

 

  • रात को सोने से आधा घंटे पहले एक गिलास हल्दी वाला दूध पी कर सो जाए |

 

  • हल्दी वाले दूध का भर पूर  लाभ उठाने के लिए इन बातों का खास ध्यान रखे |

 

  • हल्दी वाला दूध आराम से सिप सिप कर के ही पीना है |

 

  • हल्दी वाला दूध गरम ही होना चाहिए और गरम गरम ही पीना है धीरे धीरे |

 

हल्दी वाला दूध बनाने का सही तरीका –
  • सबसे पहले एक पैन लें उसमे एक गिलास अच्छा गाय का दूध डाल ले |
  • उसे गैस पर रख कर गैस धीमी आच पर on कर दे यानी आग को दीमा ही रखे 
  • ठीक 3 मिनट के बाद उसमे अब एक चिममच हल्दी डाल दें | 
  • अब एक चिममच की मदद से इसे दूध मे अच्छे से मिलाने के लिए दूध को  बार बार हिलाते रहे |
  • इसे लगभग 5 मिनट तक करना है |और फिर गैस off कर देना है | 
  • अब इसे  गिलास मे डाल ले और धीरे धीरे पिये जैसे चाय पी जाती है |
इस बात  का जरूर ध्यान रखे की इसमे चीनी न डाले |

1.हल्दी का उपयोग दूध के साथ –

जब हल्दी को दूध (turmeric milk) मे डाला जाता हैं तो हल्दी के फायदे दोगुना हो जाते हैं.

दो मुख्य वजह  एसी है जिसमे हल्दी दूध (turmeric milk) का सेवन अत्यधिक किया जाता है |

 

पहला-  जब भी शरीर पर कोई चोट लगती हैं तो उस चोट की वजह से घाव हो जाता हैं तो ऐसे मे हल्दी वाला दूध  (turmeric milk)पीने से घाव जल्दी भर जाता हैं और दर्द मे भी राहत मिलती हैं . क्यों की हल्दी (turmeric)मे एंटीबायोटिक गुण पाए जाते हैं जिस वजह से घाव ठीक हो जाता हैं.

हल्दी वाला  दूध (turmeric milk) पीने से इम्युनिटी पवार बढ़ती हैं.

 

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ऐसा क्या होता हैं हल्दी (turmeric) मे जो यह इतना गुणकारी होता हैं?

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हल्दी (turmeric) मे एंटीबैक्टीरियल, एंटी फंगस और एंटीबायोटिक गुण पाए जाते हैं. इसके इलावा एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार इसमें करक्यूमिन होता हैं, जो कैंसर को ठीक करने मे बहुत लाभकारी होता हैं.

 

हल्दी (turmeric)की तासीर गर्म होती हैं. एक शोध मे पाया गया की 30 ग्राम हल्दी मे 28%आयरन और 18% मैग्नीशियम होता हैं.

इसके इलावा हल्दी (turmeric)मे विटामिन B-6, फाइबर, विटामिन c, पोटैशियम, एंटी इंफ्लेमेंटरी व एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्त्रोत माना जाता हैं.

2 शारीरिक दर्द को ठीक करे turmeric milk-
शरीर के दर्द में हल्दी वाला दूध (turmeric milk) आराम देता है। हाथ पैर व शरीर के अन्य भागों में दर्द की शिकायत होने पर रात को सोने से पहले हल्दी वाले दूध (turmeric milk) का सेवन करें।
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3. त्वचा हो साफ और खूबसूरत बनाए – turmeric milk for skin
दूध पीने से त्वचा में प्राकृतिक चमक पैदा होती है, और दूध के साथ हल्दी (turmeric) का सेवन, एंटीसेप्टिक व एंटी बैक्टीरियल होने के कारण त्वचा की समस्याओं जैसे – इंफेक्शन, खुजली, मुंहासे आदि के बैक्टीरिया को धीरे-धीरे खत्म कर देता है। इससे आपकी त्वचा साफ और स्वस्थ और चमकदार दिखाई देती है| 
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4. सर्दी होने पर – turmeric milk
सर्दी, जुकाम या कफ होने पर हल्दी वाले दूध (turmeric milk) का सेवन अत्यधिक लाभकारी साबित होता है। इससे सर्दी, जुकाम तो ठीक होता ही है, साथ ही गर्म दूध के सेवन से फेफड़ों में जमा हुआ कफ भी निकल जाता है। सर्दी के मौसम में इसका सेवन आपको स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।
5 . हड्डियां बने मजबूत – turmeric milk –
दूध में कैल्श‍ियम होने के कारण यह हड्डियों को मजबूत बनाता है और हल्दी (turmeric)के गुणों के कारण रोगप्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। इससे हड्डी संबंधि‍त अन्य समस्याओं से छुटकारा मिलता है और ऑस्टियोपोरोसिस में कमी आती है।
6. जब नींद न आए – turmeric milk  for sleep-
यदि आपको किसी भी कारण से नींद नहीं आ रही है, तो आपके लिए सबसे अच्छा घरेलू नुस्खा है, हल्दी वाला दूध (turmeric milk)। बस रात को भोजन के बाद सोने के आधे घंटे पहले हल्दी वाला दूध पीएं, और देखि‍ए कमाल।
नींद आने मे सबसे बड़ी भूमिका मस्तिष्क मे मौजूद लुमिक नुमिक नमक दो प्रकार के  एसिड की होती है जिनका संतुलन आपस मे बिगड़ जाने पर नींद या तो बहुत कम आती आती या फिर बहुत अधिक तो ऐसे मे हल्दी(turmeric) इनके संतुलन को बरकरार रखने मे बहुत कारगर सिद्ध होती है |
क्यो की हल्दी (turmeric) मे पाया जाने वाला करीकुम अम्ल  इसके लिए बहुत लाभदायी होता है जो मानसिक कोशिकाओं को भी शांत करता है |
7. पाचन तंत्र हो गड़बड़ – turmeric milk –
हल्दी वाले दूध (turmeric milk)  का सेवन, आपकी आंतो को स्वस्थ रखकर पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करता है। पेट के अल्सर, डायरिया, अपच, कोलाइटिस एवं बवासीर जैसी समस्याओं में भी हल्दी वाला दूध (turmeric milk) फायदेमंद है। हल्दी (turmeric) अपने चमत्कारी गुणो के चलते पाचनतत्न्त्र  को दुरुस्त रखने मे भी भूमिका निभाता है |
8. जोड़ों के लिए असरकारी – turmeric milk –
हल्दी वाले दूध (turmeric milk) का प्रतिदिन सेवन, गठिया- बाय, जकड़न को दूर करता है, साथ ही जोड़ों मांसपेशियों को लचीला बनाता है।
9.ब्लड शुगर कम करे – turmeric milk –
खून में शर्करा की मात्रा अधिक हो जाने पर हल्दी वाले दूध  (turmeric milk) का सेवन ब्लड शुगर को कम करने में मदद करता है।लेकिन अत्यधि‍क सेवन शुगर को अत्यधि‍क कम कर सकता है, इस बात का ध्यान रखें।
10 .सांस की तकलीफ – turmeric milk –
हल्दी वाले दूध (turmeric milk) में मौजूद एंटी माइक्रो बैक्टीरियल गुण, दमा, ब्रोंकाइटिस, साइनस, फेफड़ों में जकड़न व कफ से राहत देने में सहायता करते हैं।गर्म दूध के सेवन से शरीर में गर्मी का संचार होता है जिससे सांस की तकलीफ में आराम मिलता है।
11. वायरल संक्रमण – turmeric milk –
में आए बदलाव एवं अन्य कारणों से होने वाले वायरल संक्रमण में हल्दी वाला दूध (turmeric milk) सबसे बेहतर उपाय है, जो आपको संक्रमण से बचाता है।
turmeric milk for weight loss-

हल्दी का दूध (turmeric milk) शरीर में फैट को जमा होने से रोकता है।

 

हमारे शरीर में दो प्रकार के फैट पाए जाते हैं। ब्राउन फैट (जो शरीर के लिए ऊर्जा पैदा करने के लिए जला दिया जाता है) और

सफेद फैट (जो कि भविष्य के उपयोग के लिए अतिरिक्त कैलोरी स्टोर करने के लिए उपयोग किया जाता है) ये दोंनो एक अच्छे पुलिसकर्मी और बुरे पुलिसकर्मी की तरह हमारे शरीर में काम करते हैं।

 

turmeric milk for weight loss

 

 

यदि आप मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति हैं, तो आपका शरीर फैट को जमा करता रहेगा और भले ही बाद मे इसे यूज़ में ना लाए। चूंकि ये ऊतक आपके शरीर में हर दूसरे सेल के समान हैं, इसलिए वे जल्द ही ऑक्सीजनकी मांग करना शुरू कर देते हैं। जो उनके आसपास रक्त वाहिकाओं का एक नेटवर्क बना देता है और इस तरह उन्हें बढ़ने के लिए अधिक प्रोत्‍साहन प्रदान करता है।

इसी बीच हल्‍दी (turmeric)आपकी मदद करती है क्‍योकि इसमें कर्क्यूमिन नामक एक यौगिक होता है, जो शरीर में फैट जमने से रोकती है।

हल्दी (turmeric)को लंबे समय तक सुपरफूड के रूप में देखा जाता है; इसके यौगिक curcumin के लिए धन्यवाद जो स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाले गुणों के लिए जाना जाता है। हल्दी(turmeric) का उपयोग खाना पकाने, सौंदर्य प्रसाधन और पारंपरिक दवाओं में सूखे या ताजा रूप में किया जाता है।

 

इसके पास कई जैव सक्रिय यौगिक हैं जो इस मसाले के कई औषधीय लाभों का समर्थन करते हैं। हल्दी  (turmeric) में मौजूद अन्य यौगिकों में वाष्पशील तेल, पोटेशियम, ओमेगा -3 फैटी एसिड, लिनोलेनिक एसिड, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, एट अल हैं, जो विरोधी भड़काऊ, एंटीऑक्सिडेंट, एनाल्जेसिक, एंटी-माइक्रोबियल और थर्मोजेनिक गुणों के साथ यह मसाला प्रदान करते हैं।

 

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