Internet क्या है | internet nibandh | सम्पूर्ण जानकारी

स्कार दोस्तों, स्वागत है आपका आज एक और ज्ञान internet की सम्पूर्ण जानकारी मे.

आज हम जानेंगे –

  1. internet क्या है?
  2. Internet की शुरुआत कैसे हुई?
  3. भारत मे internet की शुरुआत कब और कैसे हुई?
  4. हर इंसान तक internet कैसे पहुँचता है?
  5. वर्तमान मे internet कितनी प्रकार के है?
  6. internet क्यों और कितना जरुरी है?
  7. इंटरनेट के फायदे
  8. भविष्य मे इंटरनेट कैसा होगा?

आज हम इस लेख मे इंटरनेट के बारे बेसिक से लेकर एडवांस तक की विस्तृत जानकारी आसान शब्दों मे हासिल करेंगे.

 

दोस्तों आज के युग मे internet बहुत से लोगो की एक जरुरत बन चुका है. 

 

मनोरंजन से लेकर पढ़ाई तक, shoping से लेकर बिल रिचार्ज तक और क्रिएटिविटी से लेकर बिज़नेस तक बहुत बड़े पैमाने पर internet का उपयोग किया जाने लगा है.

 

यदि बात भारत की कीजाए तो आज से 10 – 15 वर्ष पहले भारत मे internet का उपयोग ना के बराबर था.

 

लेकिन साल 2015 मे मुकेश अम्बानी जी ने भारत मे reliance jio नाम के 3G internet के सस्ते प्लान्स के साथ टेलीकोम जगत मे कदम क्या रखा, देखते ही देखते भारत मे internet की क्रांति ही आगई.

 

साल भर मे ही भारत मे internet users की संख्या लाखों से करोड़ो अरभो मे पहुंच गई.

 

इंटरनेट की बढ़ती मांग को लेकर ये कहना गलत नहीं होगा की भविष्य मे internet हर इंसान की बेसिक जरूरतों मे शामिल हो जाएगा. आने वाले समय मे 90% अर्थ व्यवस्था internet पर ही आधारित होगी.

 

तो चलिए सबसे पहले internet का अर्थ समझते है.

 

Internet क्या है?

INTERNET बहुत सारे  interconnected networks का समूह होता है |  इंटरनेट असल मे एक नेटवर्क है जो दिखाई तो नहीं देता बस तरंगो के रूप मे और तरंगो के माध्यम से डाटा को आभासी रूप मे हर इलेक्ट्रोनिक डिवाइस तक पहुँचता है.

 

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यानी  इंटरनेट एक ऐसा आभासी मंच (vartual platform) है जिसकी मदद से हम दुनियाँ मे अपने electronic उपकरणो जैसे मोबाइल ,computers  से सूचनाओं (information) का आदान प्रदान कर  पाते है | 

 

एक डाटा मे image,audio,डॉक्स फ़ाइल ,text,video जैसी सभी चीजे digital form मे मौजूद रहती है |

 

पूरा इंटरनेट wide area network (WAN) पर काम करता है जिस वाहज से हम पूरी से जुड़ कर सूचनाओं का आदान प्रदान कर पाते है |

 

इंटरनेट की दूसरी परिभासा 

इंटरनेट एक एसा ग्लोबल नेटवर्क (wan) है जिसका काम है दुनिया भर के computers को आपस मे वैश्विक स्तर पर interconnect कर के किसी भी तरह की इन्फॉर्मेशन को खोज कर आप तक पहुंचाना | इस पूरे process मे सर्वर अपनी मुख भूमिका निभाता है जिसके माध्यम से हम इंटरनेट पर वर्चुअल रूप मे सूचनाओ का आदान प्रदान कर पाते है |

 

इंटरनेट नाम कैसे पड़ा 

Internet का hindi अर्थ है अंतर जाल. Internet दो शब्दों के मेल से बना होता है inter + net जिसका अर्थ है अंदरूनी जाल.

 

यह बड़ी बड़ी कंपनियों द्वारा पूरी दुनिया मे फैलाई गई बहुत सारी केबलों का वो जाल होता है, जो की हर देश के हज़ारो सर्वरों (sarvers) से जुड़ी होती है. यह सभी केबल्स एक जाल के रूप मे पूरी दुनिया मे बिछाए गए गई जो की हर कई computers से interconected होते है | यही से इसका नाम इंटरनेट पड़ा.

 

तो दोस्तो ये तो हम जान गए की इंटरनेट क्या है | लेकिन अब सवाल ये उठता है की , इंटरनेट मे इतना डाटा कैसे आता है ? और इतनी तेज़ गति से डाटा और इन्फॉर्मेशन का संचार कैसे हो पा रहा है |

 

दोस्तों , इन सवालों का जवाब जानने के लिए आपको पहले optical fiber और server के बारे जानना होगा |

 

क्योकि इन दोनों को ही इंटरनेट का आधार मान जाता है | चलिये जानते है |

 

optical fiber  क्या होता है ?

दरअसल अब तक हम जिन केबल, की बात कर रहे थे वो  असली चीज केबल के अंदर मौजूद ऑप्टिकल फाइबर  (Optical fiber) है. Optical का मतलब होता है  प्र्कशीय तरंगे fiber का मतलब होता हैं किसी प्रकार  का पतला धागा एवं तार | 

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ये ऑप्टिकल फाइबर इंसान के बाल के बराबर एक बहुत पतली सी बारीक काँच की तरह पारदर्शी तार होती है.

 

जब वैज्ञानियों ने यह पाया की , ऑप्टिकल फाइबर मे प्रकाशीय किरने एक सीधी रेखा मे गति कर रही है तब उन्होने दिमाग दौड़ाया की  क्यों न इसका उपयोग सूचना क्षेत्र मे डिजिटल रूपी डाटा and information को आदान प्रदान करने मे किया जाए यदि एसा हुआ तो किसी भी data & information को केएम से केएम समय मे तरंगो के साथ तेज़ गति मे एक साथन से दूसरे स्थान तक तेजी से पहुंचाया जा सकेगा | 

 

बस फिर क्या था रिसर्च कामयाब रहा | 

 

 Optical fiber से डाटा को आभासी रूप मे हजारो किलोमाइटर दूर  दुनियाँ  के  किसी भी कोने तक पाहुचाया जा सकता है , यह आधुनिक विज्ञान्न की एक अद्भुत खोज साबित हुई |

 

पूरे टेलीकॉमजगत मे क्रांति की लहर दौड़ गई  जिसके बाद देश दुनिया की बड़ी बड़ी कंपनियो द्वारा optical fiber को बड़ी बड़ी केबल की मदद से समुद्री और जमीनी रास्ते से देश दुनिया तक बिछाया गया और हर कम्प्युटर को एक दूसरे से जोड़ा गया |

 

 Optical fiber,  केबल्स के अंदर होती है. ये केबल्स बहुत मोटी होती है जो कई तरह की धातुई परतो से मिल कर बनी होती है  ताकी  Optical fiber इन केबल्स के अंदर सुरक्षित रहे |

 

 एक केबल के अंदर बहुत सारी  Optical fiber की तारे रहती है. इन केबलो को समुद्र मे कोई बड़ा जीव काट ना दे  इसकेलिए इन केबल को मजबूत धातू से बनी एक मोटी पाइप मे सुरक्षित रखा जाता है.

 

सभी केबल्स समुद्री और जमीनी रास्ते से होती हुई दुनिया भर के तमाम देशों के सर्वरों से interconnected होती है. वहीं एक देश के अंदर जमीन मे खुदाई कर कर के इन cables को बिछाया जाता है
|

 इस खोज के बाद तो इंटरनेट की दुनिया मे क्रांति ही आगाई | Optical fiber की वजह से सूचनाओं को आभासी रूप मे दुनिया के किसी भी कोने तक एक सेकेंड से भी कम समय मे भेजा जा सकता है |

 

Optical fiber मे हजारो जीबी डाटा लाइट स्पीड की गति से ट्रैवल करता है जिस वजह दुनियाँ के कोने कोने तक सूचनाओ का आदान प्रदान इतनी तेज़ गति से हो पाता है |

 

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इन्ही प्रकाशीय तरंगो के माध्यम से ही हम दुनिया भर के सर्वर से conect होकर तमाम तरह की जानकारी भेज (send) और प्राप्त (receive) कर पाते है | 

 

ऑप्टिकल फाइबर से जितनी मात्रा मे डाटा एक सर्वर से दूसरे server तक पहुँचाने की जितनी कपेसिटी होती है उसे bandwidth कहा जाता है.

 

अब ये सर्वर क्या? 

दोस्तों इन ऑप्टिकल फाइबर के माध्यम से आने जाने वाले डाटा को स्टोर करके रखना पड़ता है. हज़ारो GB डाटा को स्टोर करने के लिए एक बहुत बड़े storage की आवश्यकता होती है इन्ही storage को sarver कहा जाता है. कुल मिलाकर सर्वर बहुत सारे computers का एक समूह होता है |

 

सर्वर मे हज़ारो gb डाटा digital form मे स्टोर रहता है.

 

सर्वर का काम सिर्फ डाटा स्टोर करना ही नहीं, बल्कि सर्वर पर आने वाले लाखों करोड़ो ट्रेफिक को कंट्रोल करना भी होता है. 

 

हर वेबसाईट किसी ना किसी सर्वर से जुड़ी होती है.

जैसे –

amazon,

फ्लिपकार्ट,

govt वेबसाइट्स इत्यादि.

यानी एक सर्वर से हजारो वेबसाइट , blogs और भी कई तरह के आभासी प्लेटफॉर्म जुड़े होते है इन सब को इंटरनेट पर अपना डाटा और इन्फॉर्मेशन को  स्टोर रखने , download और upload करने के लिए इंटरनेट पर ही एक खाली जगह जैसी मेमोरी की जरूरत पड़ती है तो यह सब एक सर्वर द्वारा प्रोवाइड करवाया जाता है | 

 

अब सवाल ये उठता है की आखिर इंटरनेट की शुरुआत कैसे हुई? इस इंटरनेट को किसने बनाया होगा इसकी खोज किसने की होगी..

 

इन सभी सवालों का जवाब जानने के लिए हमें इतिहास मे झाकना होगा. तो चलिए जानते है.

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इंटरनेट का इतिहास / History of Internet 

दोस्तों, आज के समय मे जो इंटरनेट आप देख रहे हो शुरू मे ऐसा नहीं हुआ करता था.. आज का इंटरनेट बहुत सारे साइंटिस्ट और इंजीनियरों  की मेहनत का परिणाम है. आज का इंटरनेट एक पूरी तरह से मुकम्मल इंटरनेट है |

 

गर इसके इतिहास की बात करे तब इसका नाम इंटरनेट नहीं बल्कि ये डाटा को digital form मे एक computer से दूसरे computer मे ट्रांसफर करने का  मात्र नेटवर्क यानि माध्यम हुआ करता था..

 

आज से 80 साल पहले 1960 मे ज़ब us (अमेरिका) मे शीत युद्ध (cold world War) चल रहे थे तब सेनाओं के बीच सूचनाओं को भेजनें के लिए किसी मजबूत सिस्टम की जरूरत थी. 

 

तब इसी तर्ज पर अमेरिका द्वारा एक कंपनी की स्थापना की गई जिसका नाम था ARPA यानी advances research project agency |

 

इस कंपनी का उदेशय एक एसा मजबूत सूचना संचार सिस्टम तैयार करना था जिसकी मदद से आसानी से बिना रुकावट तेज गति से सूचनाओं का आदान प्रदान किया जा सके |

 

तब कंपनी मे खूब रिसर्च के बाद एक ऐसा नेटवर्क तैयार किया गया जिसकी मदद से आभासी रूप मे सूचनाओ का आदान प्रदान किया जा सकता था |

 

यह नेटवर्क चार कम्प्युटरो को तार के मधायम से आपस मे interconnect कर के बनाया गया था |

 

इसका नाम दिया गया interconnected  network | 

इस सिस्टम (interconnected  network) के माध्यम से दुनियाँ मे पहली बार सुचनों को एक जगह से दूसरी जगह तक ट्रांसफर किया गया | 

 

इसके बाद सन 1969 में इस Agency ने ARPANET की स्थापना की. इस कंपनी द्वारा technology को इतना विकसित किया गया जिस से कि देश के किसी भी कंप्यूटर को अनेकों Computer से जोड़ा जा सकता था. यानी सूचना आदान प्रदान के लिए  हर कम्प्युटर को एक दूसरे से interconect किया जा सकता था |

 

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1980 आते आते  इस सिस्टम को network of networks के नाम से जाना जाने लगा |

 

इंटरनेट की खोज किसने की ?

आज का इंटरनेट किसी एक व्यक्ति की खोज पर आधारित नहीं है | 1975 मे Vint Cerf और Bob Khan (Robert Elliot Kahn) नामक दो अमेरिकन शोधकर्ताओं ने  इंटरनेट को लेकर हमेशा यह चाहा की इंटरनेट पर किसी एक संस्था अथवा सरकार का आदीपत्य नहीं होना चाहिए बल्कि यह  सार्वजनिक होना चाहिए ताकी  हर कोई प्रयोग कर सके और जानकारी हासिल कर सके |

 

तब Vint Cerf और Bob Khan (Robert Elliot Kahn) ने सोचा की इंटरनेट पर कोई व्यक्ति सही जानकारी तक कैसे पाहुच पाएगा | इसके लिए कोई एसा सिस्टम तैयार करना होगा  जिसकी मड्ड से कोई भी आसानी से सही जानकारी तक पहुँच सके |

 

इन्ही बातों को आधार मान कर दोनों ने इस पर गहन शोध आरंभ किया कुछ सालो बाद 1978 मे दोनों ने एक एसे network protocol का निर्माण किया जिसके आधार पर आज का पूरा इंटरनेट काम  करता है |

 

इस network protocol का नाम था TCP / IP जो की आज के इंटरनेट की आधारशिला है |

 

  • TCP का पूरा नाम है –  transmission control protocol
  • IP का पूरा नाम है – internet protocol 

 

इस तरह Vint Cerf और Bob Khan (Robert Elliot Kahn)  को ही आज के इंटरनेट के जन्मदाता /आविष्कारक के रूप मे माना जाता है |

 

Protocol क्या होता है ?

Network की दुनिया मे protocol नाम का शब्द बहुत जादा use किया जाता है | protocol का अर्थ होता है rules & system | किसी भी नेटवर्क का एक systematic way जिस पर हर क्रिया एवं प्रतिकृया rules के अनुसार काम करे |

 

ठीक उसी प्रकार TCP / IP  नेटवर्क protocol का एक एसा ढांचा (आधारशिला) है जिस पर आज का पूरा इंटरनेट लयबद्ध तरीके से (systematic way) काम करता है |

TCP / IP क्या काम करता है ?

TCP / IP खुद मे ही एक बहुत सारे protocol से मिलकर बना होता है |

अपने डिवाइस पर online सूचनाओ का आदान प्रदान करना , कोई भी डाटा download या upload करना , विडियो देखना , गाने सुनना, यह सब कुछ इंटरनेट पर TCP / IP के द्वारा ही manage किया जाता है |

TCP / IP कैसे काम करता है ?

जब भी आप इंटरनेट पर डाटा अथवा सूचना किसी को send करते हो TCP का काम होता है उस सूचना को छोटे छोटे टुकड़ो मे विभाजित कर के IP तक  पहुंचाना | इसके बाद IP आपकी उस सूचना को सही जगह  तक तानी सही रिसीवर तक पहुंचाती है |

 

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इंटरनेट पर हर सूचना का आदान प्रदान TCP / IP के द्वारा ही होता है | 

 

इस तरह TCP / IP का काम होता है इंटरनेट पर होने वाली हर क्रिया ,प्रतिकृया और प्रक्रिया को कंट्रोल अथवा manage करना |

 

TCP / IP द्वारा जारी किए जाने वाले गाइडलाइंस के आधार पर ही कंपनियाँ अपने software और hardware बनाते है |इनका implimentation हर तरह के डिवाइस के लिए समान रूप से काम करता है |

 

भारत मे इंटरनेट की शुरुआत कब  हुई ?

भारत मे इंटरनेट की शुरुआत विदेश संचार लिमिटेड द्वारा 15 अगस्त 1995 को शुरू की गई |

 

जो internet services (इंटरनेट सेवाएं) हम सभी लोग उपयोग करते है वो किसी ना किसी ISP के द्वारा हम तक पहुंच रही 

 

भारत मे आम नागरिकों तक इंटरनेट की शुरुआत |

यदि बात भारत की कीजाए तो आज से 10 – 15 वर्ष पहले भारत मे internet का उपयोग ना के बराबर था.

साल 2005 – 6  के शुरुआती दौर से टेलीकॉम कम्पनीयों ने सिम कार्ड के माध्यम से मन चाहे महंगे दामों मे की 2G internet सेवाएं देना प्रारम्भ किया.

 

उन दिनों महंगाई के हिसाब से आम लोगो के लिए इंटरनेट plan काफ़ी महंगे हुआ करते थे. 2012 – 13 मे बहुत सी टेलीकोम कम्पनीयियों ने internet की ब्रॉडबेंड सेवाए भी शुरू की.

इसके बाद 2015 आते आते 3g internet services साल 2015 मे मुकेश अम्बानी जी ने भारत मे reliance jio नाम के 3G internet के सस्ते प्लान्स के साथ टेलीकोम जगत मे कदम क्या रखा, देखते ही देखते भारत मे internet की क्रांति ही आगई.

 

साल भर मे ही भारत मे internet users की संख्या लाखों से करोड़ो अरभो मे पहुंच गई.

 

  वर्तमान समय मे इंटरनेट से क्या क्या काम किए जा रहे है ?

वर्तमान समय मे इंटरनेट के माध्यम से निम्नलिखित काम किए जा रहे है |

  1. Online shopping
  2. online transaction
  3. Bill payment
  4. Online recharge
  5. Online ticket booking
  6. Online hotel room booking
  7. Online study 
  8. Online seminar (webinar)
  9. Online money transfer
  10. Online business
  11. Freelancing ऑनलाइन जॉब 
  12. Online income earning 
  13. Online communication (video call, audio call, text message)
  14. Mail transfer | email marketing
  15. Data transfer 
  16. social media

 

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Internet के फायदे / विशेस्ताए

दोस्तो इंटरनेट एक ऐसा माध्यम है जिसके आधार पर पूरी दुनिया मे बहुत तरह के काम कम समय के अंदर संभव हो पा रहे है | 

जदतार technology का आधार और उनकी प्रगति  का आधार इंटरनेट ही है | आज इंटरनेट की मदद से दुनिया भर मे बड़ी बड़ी technology का तेजी से  विकास और विस्तार हो रहा है |

 

इंटरनेट ने बहुत से वर्चुअल रूप मे किए जाने वाले बहुत से  काम को आसान और सुलभ बना दिया है |

 

1 Online shopping 

आज हम इंटरनेट की मदद से आसानी से घर बैठे online shopping कर पा रहे है | जिससे ग्राहक बहुत जादा समय का बचत हो जाता है | घर बैठे किसी भी समान को खरीद सकते है |

 

2 – online business / व्यापार

इंटरनेट से व्यापार करना अब बहुत आसान हो चुका है |इंटरनेट की मदद से बहुत से लोग ऑनलाइन business करके अछि ख़ासी इनकम कमाने लगे है |

online store 

Blogging करना

youtube चेनल बना कर बिज़नस करना 

Shoping वेबसाइट बनाकर business

एफिलेट मारकीटिंग जैसे कई तरह के बिज़नस |

 

3.Digital marketing

आज इंटरनेट की मदद  से digital marketing करना बहुत आसान हो चुका है |

आज हर छोटा बड़ा  व्यापारी पूरी digital marketing की मदद से अपने बिज़नस को कैसे सफलता के आसमान तक पहुंचा पा रहा है | ये जानने के लिए इसे जरूर पढ़े|

4. money transfer

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आज इंटरनेट की मदद से पैसो को एक जगह से दूसरी पर पहुंचाना चुटकियों का काम हो चुका है | हर तरह की बैंकिंग tranaction और money transfer घर बैठे की जा रही है |

 

  1. Online education

इंटरनेट की मदद से आज पढ़ाई करना पहले से बहुत जड़ा आसान हो चुका है | live classes join कर सकते है | इंटरनेट पर बहुत सारी

 

जानकारियाँ उपलब्ध होती है जिसके माध्यम से आज हर इंसान बहुत कुछ घर बैठे ही सीख पा रहा |

 online पढ़ाई से लेकर तरह तरह की जानकारी हासिल कर के न सिर बहुत कुछ सीखा जा रहा है बल्कि बहुत से इन्वेन्शन और क्रिएटिव काम भी किए जा रहे है |

 

6 . Online communication

इंटरनेट की मदद से आज हम घर बैठे हजारो किलोमीटर दूर बैठे इंसान से से विडियो call पर बात कर सकते है | उससे चैट कर सकते है | गुप्त रूप से  किसी भी प्रकार का डाटा अथवा सूचना का आदान प्रदान कर सकते है |

 

  1. Bill की पेमेंट और recharge

इंटरनेट की मदद से हम घर बैठे किसी भी तरह के बिल की पेमेंट कर सकते है | जैसे पानी  का बिल बिजली का बिल , कमरे का किराया इत्यादि | ठीक इसी प्रकार घर बैठे हम d2h के recharch मोबाइल रिचार्ज आसानी से करवा सकते है |

 

वर्तमान मे internet कितनी प्रकार के है?

लोगो तक इंटरनेट पहुँच के आधार पर वर्तमान मे इटेरनेट दो ही प्रकार के है |

पहला – ISP द्वारा प्रोवाइड करवाया जाने वाला इंटरनेट जिसमे सिम कार्ड और कम्पनियो दवाई जगह जगह पर स्थापित किये गए टावर होते है.| इसमे सरकारी और प्राइवेट दोनों कंपनियाँ शामिल होती है |

दूसरा – modam द्वारा प्रोवाइड करवाया जाने वाला इंटरनेट | इस तरह का इंटरनेट बेसिकली लोकल एरिया मे प्रोवाइड करवाए जाते है | जिनका सर्वर किसी बड़े शहर मे होता है | इस तरह के इंटरनेट मे किसी टावर की जरूरत नहीं पडती.

 

इस प्रक्रिया मे ईथर केबल द्वारा इंटरनेट डायरेक्ट आपके घर पर लगे राउटर से जुड़ी होती है. राउटर का काम होता है केबल से आरही लाइट form सिग्नल  को इलेक्ट्रिकवेव सिग्नल मे प्रवर्तित कर करना. 

 

हम तक इंटरनेट कैसे पहुँचता है?

दोस्तों ज़ब फाइबर केबल नहीं हुआ करती थी तब इंटरनेट सर्वर और सेटेलाइट के माध्यम से हर इंसान तक पहुँचती थी जिस वजह से इंटरनेट स्पीड बहुत कम देखने को मिलती थी.

लेकिन फाइबर केबल की मदद सेवाज हम तेज़ गति वाले इंटरनेट का आनंद उठा पा रहे है.

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ये फाइबर केबल समुद्र रास्ते के द्वारा पूरी दुनिया मे बिछाए गए होते है.

 

भारत के राज्यों मे मौजूद इंटरनेट हब सेंटर यानी ई सर्वर मौजूद है. यह केबल उन्ही सर्वरो से जुड़ी होती है. इन ई सर्वरो मे दुनिया भर की इनफार्मेशन डाटा के रूप मे सेव रहती है.

 

इसके बाद ISP यानी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर द्वारा इन केबलो अलग अलग भागो मे distribute करते हुए जगह जगह पर स्थित ऊंचे ऊंचे mobile टावरों तक पहुंचाया जाता है. जहाँ पर एक सिस्टम लगा होता है जो इन केबल से सुचना रूपी प्रकाशिय तरंगो को इलेक्ट्रीक तरंगो को मे कन्वर्ट कर सीधा सिम या मॉडम के माध्य्म से सीधा आप तक यानी आपके डिवाइस तक पहुँचाया जाता है.

 

इंटरनेट से हम किसी भी चीज की जानकारी कैसे ले पाते है?

ज़ब भी आप कोई जानकारी लेने के लिए कुछ भी देखने के लिए  अपने डिवाइस के किसी भी search engine पर ज़ब search करते है तो आपके सामने बहुत सारे results दिखाई देने लगते है फिर ऐसे मे आप जानकारी लेने के लिए ज़ब किसी एक search रिजल्ट पर क्लिक करते है तो तुरंत वो सुचना के तौर पर आपके डिवाइस से निकलर सबसे पहले  ISP तक पहुँचती है फिर ISP उस सुचना की इनफार्मेशन पढ़ कर वह सुचना सही सर्वर तक भेज देता है.

Internet-kya-hai

सुचना के अंदर आपके डिवाइस का ip अड्रेस और पार्टिकूलर id अड्रेस मौजूद रहता है ताकि server us पार्टिकूलर id अड्रेस के अनुसार आपकी वो जानकारी दे सके जो आप देखना चाहते है. सर्वर से इनफार्मेशन प्राप्त होते ही ISP उस जानकारी को आपके डिवाइस के डिस्प्ले पर दिखा देता है.

 

तो दोस्तों उम्मीद करता हूं आप अच्छे से समझ गए होंगे की इंटरनेट किस तरह हम तक पहुँचता है,और किस तरह सूचना का आदान प्रदान होता है.

 

2G , 3G , 4G क्या है ?

यह इंटरनेट जेनरेशन को दर्शाते है जिसमे 2G का मतलब होता है 2nd जेनरेशन  3G का मतलब होता है 3rd जेनरेशन |

 

अभी के समय 2021 मे 4G इंटरनेट जेनरेशन चल रही है  भारत मे 4G इंटरनेट सेवा साल 2018 से शुरू हुई थी |

 

अब 2022 तक भारत मे 5G इंटरनेट एसईवीए प्रारम्भ होने वाली है |

 

Internet Q&A 

Q1 – internet की full form क्या है ?

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A – इंटरनेट की  full form है – Interconnected Network

 

Q 2- इंटरनेट की खोज किसने की ?

A – Vint Cerf और Bob Khan (Robert Elliot Kahn)  को ही आज के इंटरनेट के जन्मदाता /आविष्कारक के रूप मे माना जाता है |

 

Q 3 – भारत मे इंटरनेट की शुरुआत कब  हुई ?

A – भारत मे इंटरनेट की शुरुआत विदेश संचार लिमिटेड द्वारा 15 अगस्त 1995 को शुरू की गई |

 

Q 4 – 2G , 3G , 4G क्या है ?

A 4 – यह इंटरनेट जेनरेशन को दर्शाते है जिसमे 2G का मतलब होता है 2nd जेनरेशन  3G का मतलब होता है 3rd जेनरेशन |

 

निष्कर्ष

तो दोस्तो आज हमने इस लेख मे जाना की 

इस अद्भुत जानकारी शेयर कर के हर इंसान तक पहुंचाओ हर कोई इस जानकारी को हासिल कर के इसका फाइदा उठा सके |

 

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