Janmashtami nibandh | श्री कृष्णा जन्माष्टमी निबंध

Janmashtami nibandh  | जन्माष्टमी निबंध  – नमस्कार दोस्तो ! स्वागत है आपका आज के खूबसूरत निबंध मे | हमारा आज का निबंध है Janmashtami nibandh |  दोस्तो हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी भगवान श्री कृष्ण जन्माष्टमी का महोत्सव पूरे भारत सहित विदेशों मे भी धूम धाम से मनाया जाएगा |

जन्माष्टमी से कुछ दिन पूर्व ही स्कूल के बच्चो को जन्माष्टमी पर निबंध लिखने का काम दे दिया जाता है ताकी बच्चो की त्योहारो के प्रति जानकारी और जागरूकता बढ़े |

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तो एसे मे हम अपने ब्लॉग पर आपके इस कार्य को आसान बनाने के लिए  खूबसूरत Janmashtami nibandh | Janmashtami essay hindi ले कर आए है |

 

आज हम अपने इस खूबसूरत Janmashtami nibandh के माध्यम से जानेंगे की – 

  • जन्माष्टमी क्या है ?
  • जन्माष्टमी किस दिन मनाई जाती है ?
  • जन्माष्टमी क्यों मनाई जाती है ?
  • जन्माष्टमी कैसे मनाई जाती है ?
  • जन्माष्टमी नाम कैसे पड़ा ?
  • जन्माष्टमी पौराणिक कथा ?

चलिए अब Janmashtami nibandh की शुरुआत करते है|

 

Janmashtami nibandh | Janmashtami hindi essay

जन्माष्टमी हिंदुओं का एक पवित्र धार्मिक त्योहार है |  इस दिन ईश्वर दिव्य शक्तियों सहित मनुष्य  रूप मे धरती पर जन्मे थे | हिन्दू धर्म मे इस त्योहार को बहुत बड़े उत्सव के रूप पूरे भक्ति भाव से  मे मनाया जाता है \

Janmashtami- nibandh

Janmashtami nibandh

भगवान श्री कृष्ण के भक्तो के लिए यह दिन बहुत खास होता है साल भर भगवान कृष्ण की भक्ति मे डूबे हुए कृष्ण भक्त इस दिन को बहुत धूम धाम से मनाया जाता है | वेदेशों से भी बहुत से लोग इस पर्व को देखने और मनाने के लिए  मथुरा और वृन्दावन आते है | राजस्थान ,गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे राज्य तो पूरा रोशनी से जगमगा उठते है | 

 

कृष्ण का अर्थ होता है काला सावला रंग | श्री कृष्ण का रंग गहरा सावला होने की वजह से माता यशोदा ने बड़े ही प्रेम से उनका नाम श्री कृष्ण रख दिया |

 

कैसे मनाई जाती है जन्माष्टमी 

जन्माष्टमी यानी भगवान श्री कृष्ण जी का जन्म दिन  पूरे भारत मे बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है | इस दिन लोग व्रत रखते है और भगवान कृष्ण के जन्म के बाद व्रत खोलते है | जन्माष्टमी की तैयारियां 2 से तीन दिन पहले ही प्रारम्भ हो जाती है | जन्माष्टमी  का उत्सव घरों मे , गाँव, नगरों , कस्बों , और शहरो के हर छोटे बड़े मंदिरों मे  जन्माष्टमी  का भव्य आयोजन किया जाता है |

इस दिन मंदिरों को खूब सजाया जाता है | इस दिन मे लोग घरो और मंदिरो मे हवन का आयोजन भी करवाते है | जन्म के एक दिन पहले से ही मंदिरों मे  शाम से लेकर जन्म होने तक खूब कीर्तन भजन , भगवान कृष्ण की लीलाओं का वर्णन और सत्संग करते है |

इस दौरान कई मंदिरो अथवा जगहो पर भगवान श्री कृष्ण के नाट्य कार्य करमो का भी बहुत खूबसूरत आयोजन करवाया जाता है जिसमे बड़े बड़े कलाकार अपनी खूबसूरत परतिभा से आयोजन मे चार चचाँद लगा देते है |

जन्म होने के बाद भक्तो मे प्रशाद बाँट कर उतत्सव की समाप्ती की जाती है |

जन्माष्टमी  वाले दिन हर सरकारी संस्थाओं मे छुट्टी होती है |

 

इस दिन  मंदिरो मे और घरों मे लोग छोटे छोटे बच्चो को खूब अच्छे से सजा कर कृष्ण जी के रूप मे उनकी पूजा भी करते है |

भारत और विदेशो मे हो रहे जन्माष्टमी के महा पर्व के भव्य आयोजनों के अद्भुत दृश्य को टीवी चेनलों द्वारा सीखा लोगो तक पाहुचाया जाता है | ताकि लोग घर बैठे भी मोबाइल और टीवी के माध्यम से इस महान पर्व का आनंद उठा सके |

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इस दिन बाज़ारों मे भी लोगो की बहुत जादा भीड़ देखने को मिलती है | इस दिन लोग जन्माष्टमी उत्सव अपने घरो मे मनाने के लिए और व्रत के समान लेने के लिए बाज़ारो से तरह तरह के साजो समान और खाने पीने की वस्तुएँ खरीदते है |

 

माखन की मटकी फोड़ने का महा आयोजन 

इस दिन भारत के कई राज्यों ,शहरों मे माखन की मटकी फोड़ने का भी आयोजन भव्य आयोजन किया जाता है जिस पर बड़े बड़े इनाम रखे जाते है | यह आयोजन एक प्रतिस्पर्धा के रूप मे करवाया जाता है | एक मटकी को बहुत ऊची जगह पर बांध दिया जाता है | फिर अलग अलग कलाकारो की पूरी टीम इस मटकी को फोड़ने का प्रयास करती है |

लेकिन यह इतना आसान नहीं होता क्योकि जब खिलाड़ी मटकी फोड़ने के लिए एक दूसरे के ऊपर पैर रख कर नियम बद्ध तरीके से मटकी तक पहुँचने का प्रयास करते है तब बहुत से लोग अपनी घरो बालकनी और छतों से उन खिलाड़ियो के ऊपर पानी फेकते है जिस वजह से यह खेल और भी जादा रोमांचक और मुश्किलों भरा हो जाता है | इस खेल प्रतियोगिता को देखने के लिए बहुत लोगो की भीड़ पहुँचती है | इस आयोजन मे बहुत से पुलिस जवानो को भी तैनात किया जाता है |

जो टीम इस मटकी को फोड़ने मे सफल होती है उस टीम को कई पुरुषकार और धनरशी इनाम के रूप मे देकर प्र्तिभागियों का उत्साह बढ़ाया जाता है ओर उनका सम्मान किया जाता है |

 

 

क्यों लेना पड़ा जन्म ?

धरती पर जब जब जुल्म , अत्याचार और अधर्म अपनी चरम सीमा पर पहुंचा है तब तब ईश्वर अधर्म का नाश करने के लिए अनेकों रूपो मे धरती पर अवतरित होते रहे है |

ठीक उसी तरह  द्वापरयुग में  धरती पर जब कंस जैसे कई अतत्याचारी  राजाओं  का  अतत्याचार बढ़ने लगा तो धरती पर अधर्म चरम सीमा तक पहुँचने लगा तब भगवान विष्णु ने धरती से अधर्म का नाश कर धर्म की पुनः स्थापना के लिए धरती पर इंसान रूप मे जन्म लिए |

 

 

जन्म अष्टमी नाम कैसे पड़ा | पौराणिक कथा 

भगवान श्री कृष्ण को जन्म देने वाली माता का नाम  माँ देवकी है और  पिता का नाम श्री वशूदेव है |भगवान श्री कृष्ण जी को पाल पोष का बड़ा करने पिता का नाम  नन्द बाबा  और माता का नाम माँ  यशोदा है  |

कहा जाता है की जब जब मथिरा के राजा  महा शक्तिशाली कंस का अतत्याचार धरती पर बहुत जादा बढ़ गया तब एक आकाशवाणी हुई की हे कंस तेरे पापो का घड़ा जल्द ही भरने वाला है तुझे जिस ताकत और शक्तियों का घमंड है उस ताकत के सृजनहार जल्दी ही धरती पर तुम्हारी बहन देवकी के गर्भ से अवतरित होंगे |

इस आकाशवाणी ने कंस को अपनी मौत की फिक्र सताने लगी | कंस ने अपनी बहन देवकी और अपने बहनोई वासुदेव जी दोनों को करगार मे बंद करवा दिया |  

समय बीतता गया कंस तक जब खबर पहुची की देवकी ने एक बच्चे को जन्म दिया है तभी कंस ने आव देखा ना ताव तुरंत जा कर उस अत्याचारी ने देवकी के बच्चे को खत्म कर दिया |

इस तरह आगे भी चलता रहा , कंस देवकी के कुल 7 बच्चो  को मार चुका था |  फिर चातुर्मास की शुक्ल पक्ष मे भगवान ने माँ देवकी के गर्भ से आठवीं संतान के रूप मे जन्म लिया | 

इसीलिए इस दिन को जन्म अष्टमी कहा जाता है | जन्म अष्टमी का अर्थ होता है आठवा जन्म |

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भगवान श्री कृष्ण का जीवन |

भगवान श्री कृष्ण जी की मनमोहक छवि का वर्णन कर पाना बहुत दुर्लभ है | भगवान श्री कृष्ण बहुत ही मनमोहक और अद्भुत छवि वाले थे |

श्री कृष्ण का पालन पोषण  माता यशोदा के और नन्द बाबा  के हाथो हुआ | श्री कृष्ण नन्द गाँव मे ही खेल कूद कर बड़े हुए | बचपन से लेकर श्री कृशन ने अपनी अद्भुत बाल लीलाओं से पूरी दुनिया को अचंभित किया | इस लेख मे उनकी सभी लीलाओं का बाखँ कर पाना संभव नहीं है |

जरूर पढ़े  – भगवान विष्णु के पांच छल

Janmashtami nibandh Q & A

Q 1 – जन्माष्टमी क्या है ?

A – जन्माष्टमी हिंदुओं का एक पवित्र धार्मिक त्योहार है | 

Q 2 – जन्माष्टमी किस दिन मनाई जाती है ?

A – जन्माष्टमी हर वर्ष अगस्त महीने की भाद्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है|

Q 3- जन्माष्टमी क्यों मनाई जाती है ?

A – क्योकि इस दिन भगवान विष्णु मानुष अवतार मे धरती पर अवतरित हुए थे |

Q-4-जन्माष्टमी नाम कैसे पड़ा ?

A- इस दिन भगवान विष्णु धरती पर माँ देवकी की कोख से आठवीं संतान के रूप मे जन्मे थे इसीलिए इस दिन को जन्माष्टमी के नाम से जाना जाता है | अष्टमी का अर्थ है  8   |

Q – 5 भगवान कृष्ण का जन्म कहाँ हुआ ?

A – भगवान कृष्ण का जन्म मथुरा शहर मे  एक कारगर मे माँ  देवकी  की कोख से हुआ |

Q-6 भगवान कृष्ण के माता – पिता  का नाम क्या था ? 

A – भगवान श्री कृष्ण को जन्म देने वाली माता का नाम  माँ देवकी है और  पिता का नाम श्री वशूदेव है |भगवान श्री कृष्ण जी को पाल पोष का बड़ा करने पिता का नाम  नन्द बाबा  और माता का नाम माँ  यशोदा है  |

Q- भगवान कृष्ण का जन्म किस युग मे हुआ था ?

A- भगवान कृष्ण का जन्म द्वापरयुग में हुआ था |

 

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निष्कर्ष

उम्मीद करता हूँ श्री कृष्ण  जी का यह Janmashtami nibandh आपको बहुत पसंद आया होगा | हम अपने इस ब्लॉग पर एसे ही तमाम निबंध प्रकाशित करते रहते है | 

 

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