Rape-of-nanking

rape of nanking massacre history in hindi

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपको बको विस्तार से बताने जा रहे है the rape of nanking massacre history in hindi – नानकिंग नरसंहार का इतिहास के बारे मे.

इतिहास में कई ऐसी क्रूर घटनाएं हुई है, जिन्हें सुनने या पढ़ने से भी आत्मा अंदर तक कांप उठती है।

मानवता को शर्मसार कर देने वाली, एक ऐसी ही घटना के बारे में, आज हम आपको बताएंगे, जिसे पूरी दुनिया the rape of noanking और नानकिंग नरसंहार के नाम से जानती है।

 

आज के समय में भले ही दुनिया हिटलर को बुरा मानती है और जापान को मॉडर्न और आधुनिक समझती है।

जापान की छवि आज भले ही दुनिया में एक अच्छे और विकसित देश के रूप में बनी हुई है।

इतिहास में भी जापान को एक बेचारे देश के रूप में देखा जाता है, क्योंकि अमेरिका ने सन 1945 में, हिरोशिमा और नागासाकी पर न्यूक्लियर बम से हमला कर दिया था।

 

लेकिन इससे पहले की कहानी बहुत कम लोग जानते है। ज़ब जापान की सेना ने बर्बरता और क्रूरता की वो हदे पार की थी, जिसकी कल्पना करना भी आपके लिए नामुमकिन है।

 

दोस्तों आज इस आर्टिकल में हम द रेप ऑफ (The rep of nanking) नानकिंग के बारे में बताएंगे। हमारी सभी दर्शकों से अपील है कि कमजोर हृदय वाले लोग इसे ना पढे क्योंकि इस आर्टिकल में कई ऐसी बाते बताई जाएगी, जो आपको विचलित कर सकती है।

Rape of nanking history in hindi 

बात 1937 की है, जब जापान की सेना ने चीन पर आक्रमण कर दिया था। दोनों देशों के बीच ये युद्ध, द्वितीय साइनो जैपनीस वॉर के नाम से जाना जाता है।

यह युद्ध कोरियन पेनिन्सुलर को लेकर हुआ था। रिपब्लिक ऑफ चाइना और अंपायर ऑफ जापान, दोनों ही कोरिया को अपने साथ मिलाना चाहते थे।

इसके लिए जापान की सेना ने सन 1937 की जुलाई में, चीन पर आक्रमण कर दिया और कुछ ही समय में शंघाई शहर को लूट लिया।

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चीन में उस समय चियांग काई शेक (Chiang Kai Shek) का शासन चल रहा था, तो वहीं माओ जिडांग (Mao Zedang) की पार्टी,सत्ता अपने हाथ मे लेने के लिए संघर्ष कर रही थी।

इन दोनों नेताओं के आपसी संघर्ष का,  जापान की सेना ने भरपूर फायदा उठाया।

वहीं जापान में उस समय emperor Hirohito शासन कर रहे थे। शंघाई पर कब्जा करने के बाद, जापान अब चीन के नानकिंग शहर पर कब्जा करना चाहता था।

नानकिंग उस समय चीन की राजधानी हुआ करती थी। इस काम के लिए जापान की सेना को लीड करने के लिए,जनरल Iwane Matsui को भेजा गया। 

9 दिसंबर 1937 को जापान की सेना ने नानकिंग पर हमला कर दिया। नानकिंग की सुरक्षा के लिए चीन की नेशनल लिबरेशन आर्मी के जनरल, Tang Shenzhi 80 हज़ार सैनिकों की एक बड़ी सेना लेकर आए।

लेकिन 2 दिनों के भीतर ही, जापान की सेना ने वो नरसंहार नानकिंग में मचाया, जिसकी चीन की सेना ने कल्पना भी नहीं की थी। चीन के लगभग 20 से 25 हजार सैनिक पहले दो दिन के भीतर ही मारे जा चुके थे।

ज़ब चियांग काई शेक समझ गए, कि जापान की सेना को रोक पाना अब संभव नहीं है,तब उन्होंने जनरल तांग शेन्जी सहित बचे हुए सैनिकों को वापस बुला लिया,और नानकिंग शहर को अपने हाल पर छोड़ दिया।

12 दिसंबर को चीन के सारे सैनिक, nanking से चले गए। अब 13 दिसंबर से जापान के सैनिकों ने नानकिंग शहर में बर्बरता मचानी शुरू कर दी। 

जापानी सैनिकों को जो नज़र आया, उस पर गोलियां चलानी शुरू कर दी। लोगों को घरों से निकालकर जान से मार दिया गया।

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 सभी घरों के पुरूषों को एक साथ इकट्ठा कर, Yangtze नदी के किनारे ले जाया गया, और वहाँ पर उन्हें गोलियों से भून दिया गया।

सभी लोगों की लाश नदी में फेंक दी गई। कुछ को जिंदा जला दिया गया औऱ ना जाने कितने ही लोगों को जमीन में जिंदा गाड़ दिया गया।

आपको जानकर हैरानी होगी, की यह सब काम, जापान के सैनिक सिर्फ मनोरंजन के लिए कर रहे थे। मनोरंजन के लिए उन्होंने चीन के आम लोगों के साथ क्रूरता की सारी हदे पार कर दी।

नानकिंग के रहने वाले नागरिकों को डाइनामाइट और लैंड माइन्स से उड़ा दिया गया।

उस समय दो सैनिकों के बीच.. एक प्रतियोगिता हुई, कि कौन सबसे पहले अपनी तलवार से 100 लोगों की गर्दन काटकर लाता है।

इस प्रतियोगिता के लिए सैकड़ों लोगों को मार दिया गया। साथ ही बीच में जब गिनती में भूल हो जाती थी, तो 100 की बजाय 150 लोगों की गर्दन की शर्त सैनिकों के बीच लग जाती ।

इस तरह कितने ही बेकसूरों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। 

नानकिंग की महिलाओं और बच्चों के साथ जापान के सैनिक रेप करने लगे। छोटे बच्चों से लेकर 80 साल की बूढ़ी महिलाओं के साथ जापान के सैनिकों ने रेप किया।

 महिलाओं और पुरूषों को बिना कपड़ों के सड़क पर घुमाया गया। कई महिलाओं के स्तन काट दिए गए। रोजाना नानकिंग की रात को लगभग 2000 महिलाओं के साथ रेप होता था।

 जो महिला शोर करती या फिर इन्कार करती तो उनका जबरन बलात्कार कर तुरंत ही मौत के घाट उतार दिया जाता था।

 

 छोटे बच्चों को मारकर भाले और तलवार की नोक पर रखा जाता था।

तलवार और भाले, बच्चे के पेट के आर-पार होते थे , जिसे सैनिकों के सम्मान का प्रतीक माना जाता था।

जापान के सैनिक नानकिंग के घरों में घुस घुसकर पिता को अपनी 5-6 साल की बेटी के साथ रेप करने के लिए मजबूर किया करते थे और ऐसा ना करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दिया करते थे।

कितने ही बेटों को उनकी मां के साथ शारीरिक संबंध बनाने पर मजबूर किया गया। 

चीन में बड़ी संख्या में monks भी हुआ करते थे, जो अपना पूरा जीवन ब्रह्मचर्य के साथ व्यतीत करते थे।

उन मोंक्स और साधुओं को भी सैनिकों ने संभोग के लिए मजबूर किया। और जिस भी व्यक्ति ने थोड़ी सी भी आनाकानी की, उसे तुरंत ही मार दिया गया।

 यह सब बाते जापान के अखबारों में रोजाना प्रकाशित हो रही थी। जापान के लोग अपनी सेना की इन हरकतों पर गर्व कर रहे थे और जापान में जश्न मनाया जा रहा था।

लगभग 6 हफ्तों तक ये सारा सिलसिला ऐसे ही चलता रहा और इस दौरान लगभग 3 लाख आम लोगों की बर्बरता के साथ हत्या कर दी गई।

लगभग 80 हज़ार महिलाओं को इस दौरान जापानी सैनिकों ने अपनी हवस का शिकार बनाया।

इससे भी कई अधिक क्रूरता का जिक्र Iris Chang ने अपनी किताब The Rape of Nanking में लिखा है। 

जापानी सैनिकों ने सिर्फ मौज-मस्ती के लिए चीनी लोगों के साथ कई तरह के प्रयोग किए। उनके साथ जानवरों से भी बुरा सलूक किया गया।

जानवरों के खून के इन्जेक्शन इंसानों को लगा दिए गए।

नवजात बच्चों को ठंड में छोड़ दिया जाता था और जापानी सैनिक बैठकर देखते,….कि बच्चे की मौत कितनी देर में हो जाएगी।

हॉस्पिटल में मरीजों के हाथ-पैर काटकर,उसमें से अंग निकाल लिए जाते, और फिर ऊपर से खुद ही सिलाई किया करते थे…

 हद्द तो तब हों गई ज़ब इस दौरान मरीज को होश में ही रखा जाता था, और उन्हें तड़पते हुए देख जापानी सैनिकों को मजा आता था।

 जापान की युनिट 731 द्वारा, चीनी लोगों के साथ प्रयोगशाला में कई प्रयोग किए जाते थे।

खतरनाक केमिकल्स और गैसेस का प्रयोग लोगों पर किया जाता था। 

किसी तरह इस पूरे मामले की खबर John Rabe  तक पहुंचाई गई, जहां चीन के लोग उनसे मदद की भीख मांग रहे थे। वे जापान की नाजी सेना को रूल कर रहे थे। उन्ही के जरिए ये बात हिटलर तक पहुंची।

जिस हिटलर ने आगे चलकर लाखों यहूदियों को मौत के घाट उतारा था,

 चीन नरसंघर के बारे सुनकर उसके दिल में भी मानवता आ गई थी,जिसके बाद तुरंत ही जापानी सेना को नरंसहार रोकने के आदेश दे दिया गया.

द्वितीय साइनो जैपनीस वॉर, द्वितीय विश्व युद्ध के साथ सन 1945 में ही समाप्त हुआ। 

दोस्तों ये थी द रेप ऑफ नानकिंग और नानकिंग नरसंहार की कहानी।

अगर इस वीडियो से आपके ज्ञान में इजाफा हुआ हो तो प्लीज़, वीडियो को लाइक करें और अधिक से अधिक शेयर करें, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को जापान की असली सच्चाई के बारे में पता चल सके। आज के लिए इतना ही दोस्तों। आपसे फिर मिलेंगे एक नई वीडियो और ढेर सारी रोचक जानकारी के साथ।

 

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