konosuke-real life inspirational stories in hindi

konosuke-real life inspirational stories in hindi||

एक ऐसा इंसान जिसने एक विश्वास के दम पर

खड़ी कर दी अरभो की संपत्ति

 

real life inspirational stories in hindi-जी हा  दोस्तों आज की हमारी Motivational Story कुछ ऐसी है जिसमे एक बहुत ही गरीब बच्चा अपने दम पर अरबों रूपए का साम्राजय खड़ा कर देता है। दोस्तों अगर आप इस कहानी की गहराई को समझने की कोशिश करेंगे तो यकीन माने आपका विश्वास कई गुणा बढ़ जाएगा।  तो चलिये शुरू करते है ।

 


किसी भी सफल इंसान की सफलता का राज़ या उसकी सफलता के पीछे सबसे बड़ा हाथ कोई न कोई प्रेरणा (motivation) ही होती है जो उसको सफल व्यक्तियों के जीवन संघरसों से मिलती है ।

दोस्तो हमे अपने जीवन life मे कुछ करने की सबसे अधिक प्रेरणा (motivation) सफल व्यक्ति (successful people) की ज़िंदगी के संघर्सो (struggle) के बारे मे जानकर मिलती है , इंसान को ऐसे लोगो  की स्टोरी को पढ़ना  चाहिए जिस से वो यह जान सके की यह इंसान कैसे सफल हुआ ,

जिसे जानने के बाद किसी भी इंसान के अंदर लाइफ मे कुछ भी हासिल करने की  प्रेरणा (motivation) जागती है ,हिम्मत ,हौसला,और,विश्वास,जागता है।। दोस्तो सफल इंसान की ज़िंदगी से हमे बहुत कुछ सीखने को मिलता है की वो कैसे इतना संघर्स करके बिना हिम्मत हारे इस मुकाम तक पाहुचा है । 


यही जज्बा रहा तो मुश्किलों का हल भी निकलेगा
जमीं बंजर हुई तो क्या वहीं से जल भी निकलेगा
ना हो मायूस ना घबरा अंधेरों से मेरे साथी
इन्हीं रातों के दामन से सुनहरा कल भी निकलेगा


konosuke का जन्म और biography

आज से लगभग 125 साल पहले जापान के एक छोटे से गांव में किसान के घर में एक बच्चे का जन्म हुआ। उसका नाम कोनोसुके मात्सुशिता रखा गया। जब कोनोसुके 9 वर्ष के थे, तब उनके पिता को आर्थिक परेशानियों की वजह से अपनी सभी जमीनें बेचनी पड़ीं और घर छोड़ना पड़ा।

 

गांव में सब कुछ गंवा चुके कोनोसुके के पिता परिवार सहित शहर आ गए और छोटे-मोटे काम करने लगे। अपने परिवार की मदद के लिए 9 वर्ष के कोनोसुके को भी अपनी पढ़ाई छोड़कर एक दुकान में काम करना पड़ा। वो सूरज की पहली किरण के साथ उठते, दुकान की साफ-सफाई करते और अपने मालिक के बच्चों की देखभाल में लग जाया करते थे।

 

 

बचपन के दौरान परिवार की किस्मत में गिरावट का मतलब था कि मत्सुशिता की शिक्षा में कटौती की गई थी। 9 साल की उम्र में वह एक ब्रेज़ियर प्रशिक्षु बन गया, फिर एक साल बाद एक साइकिल की दुकान प्रशिक्षु। वह साइकिल की दुकान पर पांच साल तक रहे, बुनियादी धातु कौशल को उठाते हुए। 16 साल की उम्र में वह ओसाका इलेक्ट्रिक लाइट कंपनी में काम करने चला गया।

 

 

Konosuke आर्थिक हालत खराब

जब Konosuke मात्र 9 साल का था तब उसके पिता को किसी निजी कारण से अपनी सारी जमीन को बेचना पड़ा। सिर्फ इतना ही नहीं उन्हें अपने गाँव के घर तक को छोड़ना पड़ा।

 

पढ़ाई छोड़ कर दुकान पर काम करना पड़ा-

गाँव में अब उनके पास कुछ नहीं बचा इसलिए Konosuke के पिता पुरे परिवार के साथ शहर आ गए और किसी तरह घर का गुजारा करने के लिए कोई काम धंधा ढूँढने लगे। उनकी आर्थिक स्थिति इतनी ख़राब हो गई थी की Konosuke जब महज 9 वर्ष का था तब उसको भी अपनी पढाई को छोड़कर एक दुकान पर काम करना पड़ रहा था।

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