coronavairus treatment अब भारत के पास भी

coronavairus treatment– जैसा की आप सब लोग आए दिन न्यूज़ मे देख ही रहे है की कैसे कोरोना वायरस (corona virus) ने पूरी दुनिया मे अपना आतंक मचा रखा है|

सबसे पहले यह वायरस चीन के विहान शहर से शुरू हुआ था फिर देखते ही देखते इस वायरस ने न सिर्फ पूरे चीन को बल्कि कई और भी देशों को अपनी चपेट मे लेकर मौत का तांडव मचाने के बाद अब भारत मे भी अपने पैर पसारने लगा है |

 

मरने वालों की संखा 1 लाख से पार 14 मार्च 2020

अब तक यह वायरस चीन मे 50 हजार से भी जादा लोगो को मौत के घाट उतार चुका है | यदि पूरी दुनिया की बात जाए तो इस वायरस से  अब तक 1 लाख से भी अधिक लोगो की जान जा चुकी है | 

 

अब यह  वायरस भारत मे भी अपनी दस्तक दे चुका है | विदेशों से वापिस लौटे भारत के लोगो की जब जांच की गई  तो कुछ लोग इस वायरस से infected पाए गए | जिसका इलाज अब तक जारी है | 

 

बहुत से देशो मे यह वायरस भयंकर महामारी का रूप ले चुका है |

 

coronavairus अब भारत मे भी अपने पैर पसारने लगा है-7 दिन मे मौत की नींद –

जी हाँ 7 दिन के अंदर उपयुक्त इलाज न मिलने पर कम इम्युनिटी वाले इंसान को मौत की नींद सुला देने वाला यह  कोरोना (coronavairus) अब भारत मे भी अपने पैर पसारने लगा है 

 

भारत मे अब तक 70 मरीज इस वायरस (corona virus) से संक्रमित पाए गए है or दो लोगो की इस वाइरस से मौत हो चुकी है |

 

भारत मे इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए सरकार और हैल्थ ओर्गेनाजेशन द्वारा कड़े कदम उठाए जा रहे है |

न्यूज़ और सोशियल मीडिया का सहारा लेकर  जादा से जादा लोगो को इस वायरस की जानकारी इससे बचने के उपाय के बारे बताया  जा रहा है |

 

भारत मे 84 तक पहुंची संख्या 

15 मार्च 2020 की रिपोर्ट के अनुसार  अब तक भारत मे कोरोना (coronavairus) से पीड़ित मरीजों कि संख्या 84 तक पहुँच चुकी थी जिसमे से 14 मरीजों का इलाज सफलता पूर्वक हो चुका  है इसलिए अब 74 मरीज ही है जिनका इलाज चल रहा है|

 

 

जिसके चलते भारतीय वैज्ञानिक बहुत दिनो से कोरोना वायरस को शरीर मे फैलने से रोकने तथा खत्म करने पर गहरा शोध कर रहे थे | इसमे पहला चरण था कोरोना वायरस के स्ट्रेंस की पहचान करनी ताकि इसकी दवा बनाई जा सके |

10 मार्च 2020 को  भारत पहला चरण पूरा करते हुए सफलता हासिल की 

 

भारतीय वैज्ञानिको ने पार किया पहला चरण. कोरोना वायरस (corona virus) के स्ट्रेंस को किया आइसोलेट.10 मार्च 2020 

दुनिया के 145 देशो मे फ़ैल चुके कोरोना वायरस (coronavairus) के स्ट्रेंस को अलग करने मे भारतीय वैज्ञानिको को कामयाबी मिली.

भारत मे लगातार सामने आरहे कोरोना वायरस (coronavairus) से संक्रमित मरीजों मे भारत मे ना सिर्फ स्ट्रेंस कि पहचान कर ली बल्कि उसे आइसोलेट यानी अलग अलग करने मे भी सफलता हासिल कर ली है.

 

इस उपलब्धि के बाद भारतीय वैज्ञानिको को इस वायरस कि दवा का पता लगाने, और टीके का शोध करने मे बहुत मदद मिलेगी.

अभी तक अमेरिका जापान थाईलैंड और चीन जैसे सिर्फ 4 ही ऐसे देश है जिन्हे यह कामयाबी मिली है पर अब भारत के भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसन्धान के वैज्ञानिको ने जयपुर और आगरा के संक्रमित मरीजों मे स्ट्रेंस को पृथक करने के बाद उसकी वुहान  के स्ट्रेंस से जांच कि है,  जिसमे भारतीय मरीजों मे  मिला स्ट्रेंस वुहान जैसा  ही है.

 

 

चलिए जानते है भारतीत वैज्ञानिको को कैसे मिली यह कामयाबी –

 

ICMR पुणे के वैज्ञानिक प्रिया एब्राहम के मुताबिक कोरोना वायरस (coronavairus) को पृथक करने मे बहुत बड़ी कामयाबी मिली है.

इस महामारी से बचाव के लिए भारत ने पहला चरण पार कर लिया है.

जयपुर और आगरा के संक्रमित मरीजों कि जाँच कर इस वायरस के स्ट्रेंस को अलग किया गया इसके बाद इस स्ट्रेंस का वुहान मे मिलने वाले स्ट्रेंस से मिलान किया गया.

तो इनके बींच 99% समानता पाई गई.

 

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किसी भी महामारी को रोकने के लिए इनके वायरस कि पहचान होनी बहुत जरुरी होती  है जिसका पता चलते ही  इनके उपचार अथवा रोकथाम के लिए टीके, दवाई बनाने पर काम किया जाता है |

 

ICMR के महानिर्देशक डॉक्टर बलराम भार्गव ने भारतीय वैज्ञानिको कि इस सफलता पर ख़ुशी जताई और कहा कि वायरस को पृथक करने वाला भारत दुनिया जा  5वां  देश बन गया है.

 

अब भारतियों का दूसरा चरण 

अब कोरोना वायरस का टीका खोजने मे शोध शुरू हो पाएगा. और उम्मीद है कि जल्दी  ही इस वायरस को खत्म करने कि वेक्सीन तैयार कर ली जाएगी.

 

कोरोना (coronavairus) अब भारत मे भी अपने पैर पसारने लगा है जिसके चलते अब तक भारत मे कोरोना (coronavairus) से पीड़ित मरीजों कि संख्या 84 तक पहुँच चुकी थी जिसमे से 14 मरीजों का इलाज सफलता पूर्वक हो चुका  है इसलिए अब 74 मरीज ही है जिन और इलाज चल रहा है.

 

देश भर मे 65 प्रयोगशालाएं काम कर रही है. ICMRI  कि डॉक्टर निविदिका के मुताबिक एक प्रयोगशाला कि केपेसिटी 90 नमूनों कि जाँच करना है. अब तक पांच हज़ार 900 लोगो के छे  हजार 500 नमूनों कि जाँच कि जा चुकी है.

 

जिसमे 84 पॉजिटिव केस मिले है. कोरोना वायरस से अभी तक भारत मे 2 लोगो कि मौत हो चुकी है.

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इसके बाद मोदी सरकार ने इस बात को गंभीरता से लेते हुए इसे एक आपदा घोषित कर दिया है. और मृतकों के परिजनों को चार चार लाख रूपए का मुआवजा देने का एलान किया है.

यह एक RNA  वायरस है यानी यह शरीर के अंदर कोशिकाओं मे टूट जाता है|

 

कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए  भारत ने बना ली वैक्सीन (टीका) 20 मार्च 2020

भारतीय वैज्ञानिक बहुत दिनों से इस पर शोध कर रहे थे जिसमे भारत ने 10 मार्च 2020 को कोरोना वायरस (coronavairus) के स्ट्रेंस को अलग करने मे भारतीय वैज्ञानिको को कामयाबी मिली.जिसके  बाद  भारत 

 

शरीर के अंदर से कोरोना वायरस को खत्म करने  दवाई बनाने की शोध मे जुट गया था | जिसके ठीक 10 दिन बाद रात 11 बजे भारतीय वैज्ञानिको ने वेक्सीन बना कर एक बड़ी कामयाबी हासिल की |

 

70 मे से 14 लोग हुए ठीक 

भारत  अपनी बनाई गई दवा से  70 मे से अब तक 14 मरीजो का सफलतापूर्वक इलाज कर चुका है |

जिनमे से दिल्ली मे 2 मरीजो को ठीक किया गया , केरला मे 3 मरीजो क ठीक किया गया , वजस्थान मे अब तक 3 मरीजो को ठीक कर दिया गया है ,उत्तर प्रदेश मे 4 मरीजो को ठीक कर दिया गया है | तो वही तेलंगाना मे 1 मरीज को सफलतापूर्वक ठीक कर दिया गया है |

 

 

क्या है यह इलाज | दवाई – कोरोना वायरस ट्रीटमंट 2020

 

भारत मे कोरोना से पीड़ित मरीजो का  सफलता पूर्वक इलाज करने की सबसे जादा चौका देने वाली खबर राजस्थान के जयपुर से आई |

यहा सवाई मानसिंह अस्पताल के डोकटरों ने इस बात का दावा किया है की कोरोना के 4 मरीजो मे से तीन तो एड्स की दवा से ही ठीक कर दिया गया है |

इन तीन मरीजो मे 2 इटली के है जबकि 1 जयपुर का ही रहने वाला था |

इस इलाज को लेकर यहाँ के डोकटरों का कहना है की शोध मे पाया गया है की कोरोना वायरस के मोलुकुलर का जो स्ट्रक्चर है वो 99% एड्स के स्ट्रक्चर से मेल खाते है | जिसके चलते हमने HIV ड्रग्स का कॉकटेल तैयार किया | 

इस ट्रीटमेंट से 4 मरीज कोरोना मुक्त हो चुके है | उनके बॉडी सेल्स से कोरोना बिलकुल खत्म हो चुका है | हलकी इन मरीजो को अब भी 10 दिन तक हॉस्पिटल मे ही रखा जाएगा |

 

राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग के एडिशनल चीफ मंत्री ने कोरोना के मरीजो को जिस दवा से ठीक करने का दावा किया है उससे पूरी दुनिया मे इस गहरे से विचार किया जा रहा है |

 

राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग का दावा हा की उनके डॉक्टर्स ने कोरोना के मरीजो को एड्स , स्वाइन्फ़्लु और मलेरिया की दवाओं के कांबिनेशन की एक खास दावा दी गई  जीमे खास बात यह है की दवाओं का यह कांबिनेशन काम भी कर गया |

 

 

 

 

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