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आनंद की सफलता amitabh bachchan

‘आनंद’ और ‘परवाना’ फिल्मों में काम करने के बदले अमिताभ को तीस-तीस हजार रुपए का पारिश्रमिक मिला था, इसलिए अमिताभ अनवर अली के फ्लैट को छो़ड़कर जुहू-पार्ले स्कीम में नार्थ-साउथ रोड पर सात नंबर के मकान में

 

 

रहने लगे। ‘आनंद’ फिल्म ने सफलता के झंडे गाड़ दिए थे। इसमें अमिताभ बच्चन ने तब के सुपर स्टार राजेश खन्ना के समक्ष जानदार अभिनय करके खासी लोकप्रियता हासिल कर ली थी। हालाँकि सफलता की मंजिल अभी दूर थी।

 

 

इस बीच अमिताभ को फिल्मों में ‘साइड रोल’ ही मिल रहे थे। शुरू की एक दर्जन फिल्में पूरी होने तक अमिताभ जीरो ही थे। इनमें ‘आनंद’ के अलावा एकमात्र ‘बॉम्बे टू गोवा’ फिल्म ही ऐसी थी, जिसमें अमिताभ के नटखट रोल को दर्शकों ने

 

चाव से देखा था। मेहमूद और एन.सी. सिप्पी इसके निर्माता थे। अनवर के कहने पर मेहमूद अमिताभ से मिलें। मेहमूद ने अमिताभ से सिर्फ इतना ही पूछा था कि नाचना आता है या नहीं, और अमिताभ का जवाब था, थोड़ा-थोड़ा मगर सीख लूँगा।

 

 

मेहमूद ने ताजमहल होटल के डांसिंगफ्लोअर पर बैंड की ताल पर अमिताभ को नचाकर देखा और ‘ओके’ कर दिया। 1972 में प्रदर्शित यह फिल्म फर्स्ट-रन में तो ज्यादा नहीं चली थी, लेकिन बाद में यह जब-जब भी चली, इसने निर्माताओं की झोली को लबालब भरा।

 

 

अमिताभ बच्चन की असल कामयाबी amitabh bachchan

दोस्तों अमिताभ बच्चन को असल कामयाबी  13 फिल्मों के बाद 1973 में आई फिल्म जंजीर  में मिली और इस फिल्म में उन्होंने अपना पहला लीड रोल निभाया था और ये फिल्म उस समय की सबसे ज्यादा सफल फिल्म साबित हुई

 

और इस फिल्म की मदद से अमिताभ बच्चन रातो रात सुपरस्टार बन गए और लोग उन्हें एंग्री यंग मैन के नाम से पहचान ने लगे बस यहीं से अमिताभ बच्चन की फ़िल्मी करियर की सफलता शुरू हो गई और इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक अदालत और अमर अकबर एंथनी जैसी कई सुपरस्टार हिट फिल्मों में काम किया।

 

 

 

सुपरहिट जंजीर – सुपरहिट अमिताभ amitabh bachchan

‘जंजीर’ (1973) के सुपरहिट होने के पहले तक अमिताभ ने जिन एक दर्जन फिल्मों में काम किया, उनमें ‘बॉम्बे टू गोवा’/ परवाना/ आनंद/ रेशमा और शेरा तथा ‘सात हिंदुस्तानी’ के अलावा प्यार की कहानी/ बंसी-बिरजू/ एक नजर/ संजोग/ रास्ते का पत्थर/ गहरी चाल और बँधे हाथ नामक फिल्में भी थीं, जो बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गईं। फिल्म इंडस्ट्री में अमिताभ को ‘अपशकुनी’ हीरो माना जाने लगा।

 

 

डेढ़-दो वर्षों के इस काल को अमिताभ अपने फिल्मी करियर का खराब समय मानते हैं। लेकिन विफलता के इसी काल में सफलता के बीज भी छुपे थे। रामनाथन की ‘बॉम्बे टू गोवा’ फिल्म में अमिताभ का काम देखकर ही प्रकाश मेहरा और सलीम जावेद ने ‘जंजीर’ के लिए अमिताभ को चुना था। इस समय तक अजिताभ भी मुंबई लौटकर अमिताभ के सेक्रेटरी कम बिजनेस मैनेजर का काम देखने लगे थे।

 

 

सन्‌ 1972 की जुलाई में जंजीर की शूटिंग शुरू हुई। प्रकाश मेहरा निर्देशक के साथ ही इसके निर्माता भी थे। ‘जंजीर’ के लिए उन्होंने धर्मेन्द्र के समक्ष पार्टनरशिप का प्रस्ताव रखा था, पर वे राजी नहीं हुए। अभिनेता प्राण के पुत्र रोनी ने, जो अमिताभ का मित्र था, मेहरा के समक्ष फिल्म में अमिताभ को लेने का सुझाव दिया। तब तक अमिताभ से प्रकाश मेहरा की कोई जान-पहचान नहीं थी, बस ‘हलो-हाय’ के संबंध थे।

 

 

रोनी का प्रस्ताव जब मेहरा ने जावेद को बताया तो जावेद ने कहा कि आपने तो मेरे मुँह की बात छीन ली। जावेद ने कहा कि ‘बॉम्बे टू गोवा’ फिल्म देख लो। फिल्म को देखने के बाद प्रकाश मेहरा ने कहा- मुझे ऐसे ही हीरो की तलाश थी।

 

‘जंजीर’ के लिए प्रकाश मेहरा ने देव आनंद और राजकुमार से भी चर्चा की थी, लेकिन वे तैयार नहीं हुए थे, जबकि यह फिल्म अमिताभ बच्चन के लिए नियति का एक वरदान साबित हुई। इस फिल्म में जया भादुड़ी उनकी नायिका थीं, जिनके साथ वे ‘बंसी-बिरजू’ और ‘एक नगर’ फिल्में भी कर चुके थे। दोनों के बीच रोमांस भी चल रहा था।

 

 

‘जंजीर’ में अमिताभ ने पुलिस इंस्पेक्टर की भूमिका की थी। पुलिस की वर्दी में वे जँचेंगे या नहीं, प्रकाश मेहरा को शक था। तब सलीम जावेद ने कहा था कि इस रोल के लिए अमिताभ बच्चन से अच्छी कोई चॉइस हो ही नहीं सकती।

 

इस बात का विश्वास मेहरा को फिल्म की पहले दिन की शूटिंग के दौरान ही हो गया। हुआ यूँ कि पुलिस चौकी के इस दृश्य में खान के रूप में प्राण साहब आते हैं और इंस्पेक्टर अमिताभ के सामने रखी कुर्सी पर बैठने लगते हैं।

 

प्राण को बैठने का अवसर भी न देते हुए अमिताभ कुर्सी को धकेलकर संवाद बोलते हैं- ‘ये पुलिस स्टेशन है, तुम्हारे बाप का घर नहीं…।’

 

शॉट देने के बाद प्राण प्रकाश मेहरा को हाथ पकड़कर एक ओर ले जाते हैं और कहते हैं- प्रकाश, अभिनय तो में कई वर्षों से करता आ रहा हूँ, पर ऐसा जबर्दस्त अनुभव मुझे कभी नहीं हुआ। मैं तुम्हें आज ही बता देता हूँ कि हिन्दी-सिनेमा को एक बड़ा भारी एक्टर मिल गया है। दीवार पर लिखी इबारत मुझे साफ नजर आ रही है। शायद ये ‘ग्रेटेस्ट स्टार’ होगा।

 

 

 

‘जंजीर’ की सफलता के बाद प्राण, सलीम जावेद और प्रकाश मेहरा धन्य-धन्य हो गए। इस बीच अमिताभ माता-पिता को भी बंबई ले आए थे, क्योंकि राज्यसभा में डॉ. बच्चन का कार्यकाल पूरा हो चुका था और बंटी (अजिताभ) भी शिपिंग

 

की ट्रेनिंग के लिए शॉ वॉलेस कंपनी की तरफ से एक साल के लिए जर्मनी गए थे। जया से भी अमिताभ ने वादा कर रखा था कि ‘जंजीर’ के हिट होने पर वे छुट्टी मनाने के लिए विदेश जाएँगे। डॉक्टर बच्चन ने फरमान जारी किया कि विदेश

 

जाना हो तो शादी करने के बाद जाओ। यह जून 1973 की बात है। अमिताभ की उम्र तीस साल की हो चुकी थी। दो दिन के शॉर्ट नोटिस पर यह विवाह संपन्न हो गया। शादी के दूसरे ही दिन जया और अमिताभ तीन सप्ताह की लंदन यात्रा के लिए चले गए।

 

 

अमिताभ बच्चन राजनीती में रखें कदम
दोस्तों कूली फिल्म की शूटिंग के दौरान लगी चोट के बाद अमिताभ बच्चन को लगा की अब वो फिल्मों में काम नहीं कर पाएंगे इसी लिए उन्होंने राजनीती में कदम रखा लेकिन वो राजनीती में नहीं टिक पाए फिर उन्होंने 1988 में शहेनशाह फिल्म से वापसी की लेकिन उसके बाद उनकी कई फिल्म फ्लॉप होने लगी और उनका करियर डूबने लगा लेकिन 2000 में आई फिल्म मोहब्बतें उनके डूबते करियर को बचाने में काफी मददगार साबित हुई और ये फिल्म काफी हिट रही और फिल्म में अमिताभ की एक्टिंग को काफी पसंद किया गया,

 

 

 

अमिताभ का टीवी करियर

दोस्तों काफी सारे हिट फ़िल्में करने के बाद अमिताभ ने टीवी की दुनिया में भी कदम रखा और उन्होंने कौन बनेगा करोड़पति को होस्ट किया और ये शो TRP के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिया दोस्तों अमिताभ बच्चन का कहना है की मेरे पिता जी ने हर समय मेरा साथ दिया था दोस्तों अमिताभ बच्चन कई सालों से करोड़ो लोगों के दिलों पर राज़ करते आए हैं और करते रहेंगे।

 

 

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ऐसे motivational thoughts quotes in hindi for success जो आपकी ज़िंदगी बादल दे 

 

 

किसी भी सफल इंसान की सफलता का राज़ या उसकी सफलता के पीछे सबसे बड़ा हाथ कोई न कोई प्रेरणा (motivation) ही होती है जो उसको सफल व्यक्तियों के जीवन संघरसों से मिलती है ।

दोस्तो हमे अपने जीवन life मे कुछ करने की सबसे अधिक प्रेरणा (motivation) सफल व्यक्ति (successful people) की ज़िंदगी के संघर्सो (struggle) के बारे मे जानकर मिलती है , इंसान को ऐसे लोगो  की स्टोरी को पढ़ना  चाहिए जिस से वो यह जान सके की यह इंसान कैसे सफल हुआ ,

जिसे जानने के बाद किसी भी इंसान के अंदर लाइफ मे कुछ भी हासिल करने की  प्रेरणा (motivation) जागती है ,हिम्मत ,हौसला,और,विश्वास,जागता है।। दोस्तो सफल इंसान की ज़िंदगी से हमे बहुत कुछ सीखने को मिलता है की वो कैसे इतना संघर्स करके बिना हिम्मत हारे इस मुकाम तक पाहुचा है । 

 

 

यह प्रेरणा दायक कहानिया (motivational stories) प्रेरणा दायक बाते (motivational thoughts) ही है जो प्रेरणा (motivation) देती है , प्रेरित (motivate) करती है कुझ कर दिखाने की-  जो आपके अंदर हौसला और उम्मीद जगाती है मुकाम को हासिल करने की । उम्मीद के सहारे कामयाबी की तरफ पहला कदम उठाने की ताकत देती है ।

जीवन मे संघर्स करते रहने की प्रेरणा (motivation)

हर मुश्किल का सामना करने की प्रेरणा (motivation)

हिम्मत न हारने और विश्वास बनाए रखने की प्रेरणा (motivation)

मंजिल से पीछे न हटने की प्रेरणा (motivation)

 

 

 

हर इंसान की life मे एक छोटी सी उम्मीद (hope)  बहुत माइने रखती है – उम्मीद एक सफल इंसान बन ने की , उम्मीद एक मुकाम को हासिल करने की , उम्मीद कुछ कर दिखने की , उम्मीद हर मुश्किलों का सामना करने की ।

 

 

 

दोस्तो यह एक उम्मीद (hope) या motivation  ही है जो इंसान को कामयाबी की तरफ अपना पहला कदम उठाने का हौसला देती है। वो इंसान ! जो एक छोटी सी उम्मीद के विश्वास पर जब अपना पहला कदम कामयाबी और मुकाम को हासिल करने के लिए बढ़ाता है  तो उसके रास्ते मे हजारो रुकावटे ,मुश्किले आती है  जिनका वो एक के बाद एक सामना करता हुआ अपनी मंज़िल की तरफ आगे बढ़ता जाता है

 

 

 

 

इस तरहा जैसे जैसे वो मुश्किलों का सामना करता जाता है उसकी उम्मीद विश्वास मे बदलती जाती है। इसी विश्वास की ताकत से एक दिन वो अपने मुकाम को हासिल कर लेता है ।

 

 

यहां click करे- किसान और भगवान | real life inspirational stories in hindi

 

 

 तो यह उम्मीद (hope) आखिर आती कहा से है?

hope

यह उम्मीद (hope) आती है एक विश्वास से , विश्वास आता है सकारात्मक सोच (positive think) से  और यह सकारात्मक सोच (positive think) बनती है प्रेरणा (motivation) से । motivational बातों से   motivational stories से।

 

तो ऐसी ही कई प्रेरणा दायक बाते (motivational thoughts)  प्रेरणादायक कहानिया (motivational stories) और अपनी ज़िंदगी (life) मे लोगो के सफल (success) होने की सच्ची घटना (real life motivational stories) और सफल को आपके जीवन संघर्स को आपके  सामने एक कहानी के माध्यम से प्रस्तुत (present) करता हु! जिसे पढ़ने से आप प्रेरित (motivate) होते है ।

 

 

आपके अंदर कुछ कर दिखाने का जज़्बा जागता है  ,मुकाम को हासिल करने का हौसला, उम्मीद और विश्वास जागता है । एक ऐसी प्रेरणा जिस से  life मे  आने वाली हर रुकावट हर मुश्किल आपको छोटी नज़र आने लगेगी और आप आसानी से हर मुश्किलों का सामना करते हुए अपनी मंज़िल को हासिल कर लेंगे ।

 

मुश्किलों का सामना – with positive thinking-

motivational quotes in hindi for students

वो कौन  से इंसान है ! जिनकी life मे मुश्किले (problems) दस्तक नही देती । हर इंसान की life छोटी बड़ी मुश्किलों (problems) से भरी होती है ,मुश्किले (problems) हर इंसान की life मे आती है -हर सेकंड ,हर मिनट ,हर घंटे , किसी भी time ,  पर जब भी आए आप पहले से ही

मुश्किलों का सामना

 

इन मुश्किलों का सामना करने के लिए हमेशा खुद को तैयार रखो यह सोच कर की! मैं तो पैदा ही मुश्किलों का सामना करने के लिए हुआ हू । सिर्फ इतना सोचने से ही आपकी आधी मुश्किल वही खतम हो जाती है । दोस्तो हमेशा स्करात्मक (positive) सोचो ,कभी भी negativity  को अपने दिमाग पर हावी न होने दे ।

 

दोस्तों ये कहानी आपको कैसी लगी? दोस्तो इस कहानी (motivational story) से आपको क्या सीख मिलती है ? नीचे कमेंट करके जरूरु बताना। और इस जानकारी (article) को जादा से जादा लोगो तक शेयर करना ताकि उन तक भी यह  पहुच सके।

 

और यदि आपके पास भी कोई motivational story  , या कोई भी ऐसी ज़रूरी सूचना  जिसे आप लोगो तक पहुचाना   चाहते हो तो वो आप हमे इस मेल (mikymorya123@gmail.com) पर अपमा नाम और फोटो सहित send कर सकते है ।  उसे हम आपके द्वारा सेंद की हुई article के साथ लगा कर यहा पोस्ट करेंगे जितना अधिक ज्ञान बाटोगे उतना ही अधिक ज्ञान बढेगा। धन्यवाद.

 

 

 

 

 

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